हिंदी दिवस 14 सितंबर को ही क्यों? राजभाषा बनाम राष्ट्रभाषा का पूरा सच
हर साल 14 सितंबर आते ही एक वाक्य दोहराया जाता है — "हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है।" सांस्कृतिक और भावनात्मक अर्थ में यह कथन करोड़ों लोगों के ल…
पूरा पढ़ें →हिंदीजन (HindiJan) हिंदी भाषा, साहित्य, व्याकरण, कविता, कहानी, निबंध, जीवनी, भाषा-विज्ञान, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सामान्य ज्ञान, करियर मार्गदर्शन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रमाणिक, सरल एवं अद्यतन अध्ययन सामग्री का विश्वसनीय शैक्षिक मंच है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों, लेखकों एवं हिंदी प्रेमियों तक गुणवत्तापूर्ण, शोधपरक और उपयोगी ज्ञान सरल भाषा में पहुँचाना है।
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हर साल 14 सितंबर आते ही एक वाक्य दोहराया जाता है — "हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है।" सांस्कृतिक और भावनात्मक अर्थ में यह कथन करोड़ों लोगों के ल…
पूरा पढ़ें →हिंदी गद्य की विधाओं में उपन्यास के बाद सबसे व्यापक और सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली विधा कहानी है। हिंदी उपन्यास की विकास-यात्रा में हमने देखा था कि भाग…
पूरा पढ़ें →गद्य और पद्य — हिंदी साहित्य की ये दो प्रमुख धाराएँ हमेशा साथ-साथ बहती रही हैं, पर हमारी अब तक की साहित्य-यात्रा ने ज़्यादातर पद्य को ही अपना केंद्र …
पूरा पढ़ें →ज़रा सोचिए — "मोहन पढ़ता है।" , "मोहन पढ़ रहा है।" और "मोहन पढ़ चुका है।" — तीनों वाक्य वर्तमान काल के हैं, फिर भी ती…
पूरा पढ़ें →हिंदीजन हिंदी भाषा, व्याकरण एवं साहित्य के अध्ययन-अध्यापन को सरल, सुव्यवस्थित तथा प्रामाणिक बनाने के उद्देश्य से विकसित एक शैक्षिक मंच है।
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न चौरहार्यम् न च राजहार्यम्, न भ्रातृभाज्यम् न च भारकारी। व्यये कृते वर्धति एव नित्यम्, विद्याधनं सर्वधनं प्रधानम्॥