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सर्वनाम किसे कहते हैं? परिभाषा, भेद, उदाहरण एवं उपयोग

सर्वनाम (Pronoun)

सर्वनाम हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण शब्द-भेद है। भाषा को सरल, प्रभावशाली और प्रवाहपूर्ण बनाने में सर्वनाम की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि प्रत्येक वाक्य में एक ही संज्ञा को बार-बार दोहराया जाए, तो भाषा बोझिल और अप्राकृतिक प्रतीत होती है। ऐसी स्थिति में संज्ञा के स्थान पर जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें सर्वनाम कहा जाता है।

सर्वनाम किसे कहते हैं – परिभाषा, भेद, उदाहरण सहित हिंदी व्याकरण

इस लेख में हम सर्वनाम की परिभाषा, अर्थ, आवश्यकता, भेद, विशेषताएँ, उदाहरण तथा प्रयोग को सरल एवं विस्तृत भाषा में समझेंगे। यह लेख विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा हिंदी भाषा सीखने वाले सभी पाठकों के लिए उपयोगी है।

सर्वनाम किसे कहते हैं?

जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं।

दूसरे शब्दों में, किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी अथवा भाव के नाम (संज्ञा) की पुनरावृत्ति से बचाने के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है, वे सर्वनाम कहलाते हैं।

उदाहरण

बिना सर्वनाम के

राम विद्यालय गया। राम ने अपने मित्रों से बातचीत की। राम घर लौट आया।

सर्वनाम के साथ

राम विद्यालय गया। उसने अपने मित्रों से बातचीत की। वह घर लौट आया।

यहाँ उसने तथा वह शब्द राम के स्थान पर प्रयुक्त हुए हैं, इसलिए ये सर्वनाम हैं।

सर्वनाम की परिभाषा

संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं।

सरल शब्दों में, जो शब्द किसी संज्ञा का पुनः नाम लेने के स्थान पर प्रयुक्त हों, वे सर्वनाम कहलाते हैं।

सर्वनाम शब्द का अर्थ

सर्वनाम दो शब्दों से मिलकर बना है—

  • सर्व = सभी
  • नाम = संज्ञा या नाम

अर्थात् जो सभी प्रकार की संज्ञाओं के स्थान पर प्रयुक्त हो सके, वह सर्वनाम कहलाता है।

सर्वनाम की आवश्यकता क्यों पड़ती है?

यदि भाषा में सर्वनाम न हों, तो प्रत्येक वाक्य में संज्ञा को बार-बार दोहराना पड़ेगा। इससे भाषा का प्रवाह बाधित होता है और वाक्य लंबे तथा नीरस लगने लगते हैं। सर्वनाम भाषा को संक्षिप्त, स्पष्ट, प्रभावशाली तथा स्वाभाविक बनाते हैं।

उदाहरण

❌ बिना सर्वनाम के

सीमा पुस्तक पढ़ रही है। सीमा को पुस्तक बहुत पसंद है। सीमा प्रतिदिन पुस्तक पढ़ती है।

✅ सर्वनाम के साथ

सीमा पुस्तक पढ़ रही है। उसे पुस्तक बहुत पसंद है। वह प्रतिदिन पुस्तक पढ़ती है।

सर्वनाम की प्रमुख विशेषताएँ

  • संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं।
  • भाषा को सरल एवं प्रवाहपूर्ण बनाते हैं।
  • अनावश्यक पुनरावृत्ति को रोकते हैं।
  • बोलने और लिखने दोनों में समान रूप से उपयोगी हैं।
  • वाक्यों को संक्षिप्त, स्पष्ट तथा प्रभावशाली बनाते हैं।

संज्ञा के स्थान पर सर्वनाम के उदाहरण

संज्ञा सर्वनाम
रामवह
सीतावह
मोहनउसने
विद्यार्थीवे
पुस्तकयह
विद्यालयवहाँ

अब आगे हम सर्वनाम के भेदों का विस्तृत अध्ययन करेंगे।

सर्वनाम के भेद

अर्थ और प्रयोग के आधार पर हिंदी व्याकरण में सर्वनाम के निम्नलिखित प्रमुख भेद माने जाते हैं।

क्रम सर्वनाम का भेद उदाहरण
1पुरुषवाचक सर्वनाममैं, हम, तुम, आप, वह, वे
2निजवाचक सर्वनामस्वयं, खुद, अपने आप
3निश्चयवाचक सर्वनामयह, वही, यही
4अनिश्चयवाचक सर्वनामकोई, कुछ, किसी
5संबंधवाचक सर्वनामजो, जिसका, जिसे
6प्रश्नवाचक सर्वनामकौन, क्या, किस

1. पुरुषवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम बोलने वाले, सुनने वाले अथवा जिसके विषय में बात की जा रही हो, उसका बोध कराते हैं, उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं।

उदाहरण

  • मैं विद्यालय जाता हूँ।
  • हम आज यात्रा पर जा रहे हैं।
  • तुम बहुत अच्छा गाते हो।
  • आप कैसे हैं?
  • वह पुस्तक पढ़ रहा है।
  • वे मैदान में खेल रहे हैं।

पुरुषवाचक सर्वनाम के प्रकार

प्रकार अर्थ उदाहरण
उत्तम पुरुषबोलने वालामैं, हम
मध्यम पुरुषजिससे बात की जाएतुम, आप
अन्य पुरुषजिसके विषय में बात होवह, वे

2. निजवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम कर्ता का बोध उसी की ओर कराते हैं, उन्हें निजवाचक सर्वनाम कहते हैं।

उदाहरण

  • मैं स्वयं यह कार्य करूँगा।
  • उसने खुद अपना निर्णय लिया।
  • बच्चे अपने आप खेलने लगे।

3. निश्चयवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम किसी निश्चित व्यक्ति, वस्तु या स्थान का स्पष्ट संकेत करते हैं, उन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।

उदाहरण

  • यह मेरा विद्यालय है।
  • वही मेरा मित्र है।
  • यही सही उत्तर है।

4. अनिश्चयवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम किसी निश्चित व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध न कराकर अनिश्चितता का बोध कराते हैं, उन्हें अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।

उदाहरण

  • कोई दरवाज़े पर खड़ा है।
  • कुछ विद्यार्थी अनुपस्थित हैं।
  • किसी ने मेरा बैग उठा लिया।
  • मुझे कुछ समझ में नहीं आया।

5. संबंधवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम दो वाक्यों या दो उपवाक्यों के बीच संबंध स्थापित करते हैं, उन्हें संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं।

उदाहरण

  • जो मेहनत करता है, वही सफल होता है।
  • जिसने परिश्रम किया, उसी को सफलता मिली।
  • जिसका उत्तर सही होगा, वह विजेता बनेगा।

6. प्रश्नवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम प्रश्न पूछने के लिए प्रयुक्त होते हैं, उन्हें प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं।

उदाहरण

  • कौन आया है?
  • क्या तुम तैयार हो?
  • किसने यह पुस्तक ली?
  • किसका बैग मेज़ पर रखा है?

सभी सर्वनामों का सारांश

भेद मुख्य शब्द उदाहरण
पुरुषवाचकमैं, हम, तुम, आप, वहवह विद्यालय गया।
निजवाचकस्वयं, खुदमैं स्वयं जाऊँगा।
निश्चयवाचकयह, वही, यहीयही सही उत्तर है।
अनिश्चयवाचककोई, कुछ, किसीकोई मुझे बुला रहा है।
संबंधवाचकजो, जिसका, जिसेजो पढ़ेगा वही सफल होगा।
प्रश्नवाचककौन, क्या, किसकौन आया है?

सर्वनाम की पहचान कैसे करें?

यदि किसी वाक्य में कोई शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयोग हुआ हो और वह किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का संकेत कर रहा हो, तो वह शब्द सर्वनाम है।

उदाहरण

वाक्यसर्वनाम
वह विद्यालय गया।वह
मैं आज व्यस्त हूँ।मैं
तुम बहुत अच्छे हो।तुम
यह मेरी पुस्तक है।यह
कौन आया है?कौन

संज्ञा और सर्वनाम में अंतर

आधार संज्ञा सर्वनाम
अर्थकिसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव या समूह का नाम बताती है।संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होती है।
उद्देश्यनाम का बोध कराना।नाम की पुनरावृत्ति से बचाना।
उदाहरणराम, दिल्ली, पुस्तकवह, यह, मैं, तुम
वाक्यराम विद्यालय गया।वह विद्यालय गया।

सर्वनाम से संबंधित सामान्य गलतियाँ

  • संज्ञा और सर्वनाम में अंतर न समझ पाना।
  • पुरुषवाचक सर्वनामों का गलत प्रयोग करना।
  • एकवचन और बहुवचन सर्वनामों में भ्रम होना।
  • सर्वनाम का प्रयोग ऐसे करना जिससे उसका संबंध स्पष्ट न हो।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

(उत्तर नीचे दिए गए हैं)

1. संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द कहलाते हैं—

  • (A) विशेषण
  • (B) सर्वनाम
  • (C) क्रिया
  • (D) अव्यय

2. 'मैं' किस प्रकार का सर्वनाम है?

  • (A) पुरुषवाचक
  • (B) प्रश्नवाचक
  • (C) संबंधवाचक
  • (D) निश्चयवाचक

3. 'कोई' किस प्रकार का सर्वनाम है?

  • (A) निश्चयवाचक
  • (B) अनिश्चयवाचक
  • (C) प्रश्नवाचक
  • (D) निजवाचक

4. 'कौन' किस प्रकार का सर्वनाम है?

  • (A) संबंधवाचक
  • (B) पुरुषवाचक
  • (C) प्रश्नवाचक
  • (D) निश्चयवाचक

5. 'स्वयं' किस प्रकार का सर्वनाम है?

  • (A) संबंधवाचक
  • (B) निजवाचक
  • (C) प्रश्नवाचक
  • (D) अनिश्चयवाचक

उत्तर: 1. (B)  |  2. (A)  |  3. (B)  |  4. (C)  |  5. (B)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. सर्वनाम किसे कहते हैं?

जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं।

2. सर्वनाम के कितने भेद होते हैं?

हिंदी व्याकरण में सामान्यतः छह प्रमुख भेद माने जाते हैं—पुरुषवाचक, निजवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक तथा प्रश्नवाचक।

3. सर्वनाम का मुख्य कार्य क्या है?

संज्ञा की पुनरावृत्ति से बचाना तथा भाषा को सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली बनाना।

4. 'मैं' और 'हम' किस प्रकार के सर्वनाम हैं?

'मैं' और 'हम' दोनों पुरुषवाचक सर्वनाम हैं।

5. 'कौन' किस प्रकार का सर्वनाम है?

'कौन' प्रश्नवाचक सर्वनाम है।

निष्कर्ष

सर्वनाम हिंदी व्याकरण का अत्यंत महत्वपूर्ण शब्द-भेद है। यह संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होकर भाषा को सरल, प्रभावशाली तथा स्वाभाविक बनाता है। सर्वनाम के विभिन्न भेदों और उनके सही प्रयोग का ज्ञान शुद्ध एवं प्रभावी हिंदी लिखने और बोलने के लिए आवश्यक है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को सर्वनाम की परिभाषा, भेद, उदाहरण तथा प्रयोग का नियमित अभ्यास करना चाहिए।

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