हिंदी साहित्य के आदिकाल से लेकर समकालीन काल तक — गद्य और पद्य, दोनों की हर प्रमुख विधा के परीक्षा-प्रासंगिक रचनाकार और उनकी प्रमुख रचनाएं एक जगह। प्रत्येक कालखंड/विधा के विस्तृत अध्ययन के लिए संबंधित लेख का लिंक साथ में दिया गया है। यदि आप सीधे किसी रचनाकार के नाम से उसकी रचनाएं खोजना चाहते हैं, तो लेख के अंत में दी गई वर्णानुक्रम सूची (भाग 3) से नाम के पहले अक्षर पर सीधे जा सकते हैं।
भाग 1 — पद्य (काल-क्रमानुसार)
1. आदिकाल (लगभग 993–1318 ई.)
सिद्ध साहित्य: सरहपा — दोहाकोश; लुइपा — लुइपादगीतिका; शबरपा — चर्यापद, महामुद्रावज्रगीति; कण्हपा — चर्याचर्यविनिश्चय; डोम्भिपा — डोम्बिगीतिका।
नाथ साहित्य: गोरखनाथ — गोरखबानी, गोरख-शतक, सिद्ध सिद्धांत पद्धति, विवेक मार्तंड; मत्स्येंद्रनाथ (आदि गुरु)।
जैन साहित्य: स्वयंभू — पउमचरिउ, रिट्ठणेमि चरिउ, स्वयंभूच्छंद, हरिवंश पुराण; पुष्पदंत — महापुराण, नागकुमार चरित, यशोधरा चरित; आचार्य हेमचंद्र — सिद्ध हेमचंद्र शब्दानुशासन; शालिभद्र सूरि — भरतेश्वर बाहुबली रास; धनपाल — भविसयत्त कहा।
रासो/चारण साहित्य: चंदबरदाई — पृथ्वीराज रासो; नरपति नाल्ह — बीसलदेव रासो; जगनिक — परमाल रासो (आल्हाखंड)।
अन्य महत्वपूर्ण कवि: विद्यापति — कीर्तिलता, कीर्तिपताका, पदावली; अमीर खुसरो — पहेलियाँ, मुकरियाँ, दो-सुखने, खालिकबारी।
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2. भक्तिकाल (लगभग 1318–1643 ई.)
निर्गुण — ज्ञानाश्रयी (संत काव्य): कबीरदास — बीजक (साखी, सबद, रमैनी); गुरु नानक देव — गुरु ग्रंथ साहिब, जपुजी साहिब; रैदास; दादू दयाल — दादू वाणी; मलूकदास, सुंदरदास, धर्मदास।
निर्गुण — प्रेमाश्रयी (सूफी काव्य): मलिक मुहम्मद जायसी — पद्मावत, अखरावट, आखिरी कलाम; कुतुबन — मृगावती; मंझन — मधुमालती; उसमान — चित्रावली।
सगुण — रामाश्रयी शाखा: तुलसीदास — रामचरितमानस, विनयपत्रिका, कवितावली, गीतावली, दोहावली, जानकी मंगल, पार्वती मंगल, हनुमान चालीसा; नाभादास — भक्तमाल; अग्रदास।
सगुण — कृष्णाश्रयी शाखा: सूरदास — सूरसागर, सूरसारावली, साहित्य-लहरी; अष्टछाप के आठ कवि (सूरदास, कुम्भनदास, परमानंददास, कृष्णदास, छीतस्वामी, गोविंदस्वामी, चतुर्भुजदास, नंददास); मीराबाई; रसखान — सुजान रसखान, प्रेमवाटिका।
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3. रीतिकाल (लगभग 1643–1843 ई.)
रीतिबद्ध: केशवदास (प्रवर्तक) — रसिकप्रिया, कविप्रिया, रामचंद्रिका; चिंतामणि त्रिपाठी — कवि-कुल-कल्पतरु, काव्य-विवेक, रस-विनोद; देव — भाव-विलास, भवानी-विलास, काव्य-रसायन; भिखारीदास — काव्य-निर्णय, छंदार्णव; मतिराम — ललित-ललाम, रसराज; पद्माकर — जगद्विनोद, पद्माभरण, हिम्मतबहादुर-विरुदावली, गंगालहरी।
रीतिसिद्ध: बिहारीलाल — बिहारी सतसई ("गागर में सागर"); वृंद (नीति-दोहे)।
रीतिमुक्त: घनानंद — सुजान हित, सुजान सागर, विरह लीला, कृपाकांड निबंध, रसकेलि वल्ली; बोधा — विरहवारीश; आलम — आलम केलि; ठाकुर — ठाकुर ठसक।
वीर-काव्य/राजप्रशस्ति: भूषण — शिवराज भूषण, शिवा बावनी, छत्रसाल दशक।
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4. भारतेंदु युग (1868–1900 ई.)
भारतेंदु हरिश्चंद्र (युग-प्रवर्तक) — अंधेर नगरी, भारत-दुर्दशा, सत्य हरिश्चंद्र, नीलदेवी (नाटक); प्रतापनारायण मिश्र — कलि-कौतुक रूपक, हठी हम्मीर; बालकृष्ण भट्ट — नूतन ब्रह्मचारी, सौ अजान एक सुजान; बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' — भारत सौभाग्य; राधाकृष्ण दास — दुखिनी बाला; ठाकुर जगमोहन सिंह व राधाचरण गोस्वामी — काव्य व नाट्य-पत्रकारिता में योगदान; अंबिकादत्त व्यास — नाटक व काव्य दोनों में सक्रिय; 'गो संकट' नामक रचना का उल्लेख (अपुष्ट) मिलता है। (काव्य में अब भी मुख्यतः ब्रजभाषा; इस युग की मुख्य देन गद्य विधाएं — देखें भाग 2)
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5. द्विवेदी युग (1900–1918 ई.)
अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' — प्रियप्रवास (खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्य), वैदेही वनवास; मैथिलीशरण गुप्त (राष्ट्रकवि) — भारत-भारती, जयद्रथ-वध, रंग में भंग; श्रीधर पाठक — प्रकृति-चित्रण; रामनरेश त्रिपाठी — पथिक, मिलन; गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही', जगन्नाथदास 'रत्नाकर', नाथूराम शर्मा 'शंकर', लोचन प्रसाद पाण्डेय।
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6. छायावाद (1918–1936 ई.)
चार स्तंभ: जयशंकर प्रसाद — कामायनी (1936), झरना, आँसू, लहर, चित्राधार; सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' — परिमल, गीतिका, अनामिका, तुलसीदास; जूही की कली (1916); सुमित्रानंदन पंत — उच्छ्वास, पल्लव (1926), गुंजन, ग्रंथि; बाद में सामाजिक-चेतना प्रधान "लोकायतन" भी लिखी; महादेवी वर्मा — नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत (मिलाकर "यामा", 1940; ज्ञानपीठ 1982)।
अन्य छायावादी/प्रभावित कवि: रामकुमार वर्मा — चित्र-रेखा, निशीथ, आकाशगंगा; माखनलाल चतुर्वेदी — कैदी और कोकिला, पुष्प की अभिलाषा, हिम तरंगिणी; बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' — कुंकुम, प्राणार्पण, उर्मिला; सियारामशरण गुप्त; हरिवंशराय बच्चन (हालावाद) — मधुशाला; रामधारी सिंह दिनकर; भगवतीचरण वर्मा (लघुत्रयी); हरिकृष्ण 'प्रेमी'; जानकी वल्लभ शास्त्री; उदयशंकर भट्ट; नरेंद्र शर्मा; रामेश्वर शुक्ल 'अंचल'।
समांतर धाराएं: ब्रजभाषा काव्यधारा — रामनाथ जोतिसी, राय कृष्णदास, जगदंबा प्रसाद मिश्र 'हितैषी', दुलारे लाल भार्गव, वियोगी हरि, अनूप शर्मा, रामेश्वर 'करुण', किशोरीदास वाजपेयी, उमाशंकर वाजपेयी 'उमेश'; राष्ट्रीय-सांस्कृतिक काव्यधारा — माखनलाल चतुर्वेदी, सुभद्रा कुमारी चौहान (झाँसी की रानी), सोहनलाल द्विवेदी, श्यामनारायण पांडेय।
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7. प्रगतिवाद (1936–1943 ई.)
नागार्जुन (जनकवि) — युगधारा, प्यासी पथराई आँखें, बादल को घिरते देखा है, सतरंगे पंखों वाली; केदारनाथ अग्रवाल — युग की गंगा (1947), फूल नहीं रंग बोलते हैं (1965); त्रिलोचन — धरती (1945); रांगेय राघव — अजेय खंडहर, मेधावी, पांचाली; शिवमंगल सिंह 'सुमन' — जीवन के गान, प्रलय-सृजन; रामविलास शर्मा (प्रमुख आलोचक) — प्रगतिशील काव्यधारा और केदारनाथ अग्रवाल।
सीमावर्ती स्वर: निराला — वह तोड़ती पत्थर, विधवा, कुकुरमुत्ता, भिक्षुक; सुमित्रानंदन पंत — युगांत (1936), युगवाणी, ग्राम्या; रामधारी सिंह दिनकर — हुंकार, रेणुका (कुछ स्रोत इन्हें भी प्रगतिवादी सूची में गिनते हैं, यद्यपि अधिकांश इतिहास-ग्रंथ इन्हें राष्ट्रीय-सांस्कृतिक काव्यधारा में रखना उचित मानते हैं)।
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8. प्रयोगवाद (1943 से)
तार सप्तक (1943) के सात कवि: गजानन माधव 'मुक्तिबोध' — चाँद का मुँह टेढ़ा है, अंधेरे में; नेमिचंद्र जैन; भारतभूषण अग्रवाल; प्रभाकर माचवे; गिरिजाकुमार माथुर — मंजीर, नाश और निर्माण; रामविलास शर्मा; अज्ञेय (संपादक) — हरी घास पर क्षण भर, इत्यलम्, असाध्य वीणा।
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9. नई कविता (1951 से)
दूसरा सप्तक (1951): भवानी प्रसाद मिश्र — गीत फरोश, खुशबू के शिलालेख; शकुंतला माथुर; हरिनारायण व्यास; शमशेर बहादुर सिंह — चुका भी हूँ मैं नहीं, इतने पास अपने, काल तुझसे होड़ है मेरी; नरेश मेहता — संशय की एक रात; रघुवीर सहाय — सीढ़ियों पर धूप में, आत्महत्या के विरुद्ध; धर्मवीर भारती — ठंडा लोहा, सात गीत वर्ष।
तीसरा सप्तक (1959): कीर्ति चौधरी; प्रयाग नारायण त्रिपाठी; केदारनाथ सिंह — अभी बिल्कुल अभी; कुँवर नारायण — आत्मजयी; विजयदेव नारायण साही; सर्वेश्वर दयाल सक्सेना — काठ की घंटियाँ; मदन वात्स्यायन। नई कविता के प्रभाव-क्षेत्र से आगे बढ़े कवियों में श्रीकांत वर्मा, दुष्यंत कुमार व लक्ष्मीकांत वर्मा उल्लेखनीय हैं (विस्तार से समकालीन कविता में)।
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10. समकालीन कविता (चौथा सप्तक 1979 से अब तक)
चौथा सप्तक (1979): अवधेश कुमार, राजकुमार कुंभज, स्वदेश भारती, नंदकिशोर आचार्य, सुमन राजे, श्रीराम वर्मा, राजेंद्र किशोर।
प्रमुख कवि: धूमिल — संसद से सड़क तक (1972), कल सुनना मुझे, सुदामा पांडे का प्रजातंत्र; रघुवीर सहाय; कुँवर नारायण; अशोक वाजपेयी; श्रीकांत वर्मा; लीलाधर जगूड़ी; विनोद कुमार शुक्ल; राजेश जोशी; मंगलेश डबराल; अरुण कमल।
विमर्श-धाराएं: स्त्री-विमर्श — अनामिका, कात्यायनी; दलित-विमर्श — ओमप्रकाश वाल्मीकि, कँवल भारती; आदिवासी-विमर्श — अनुज लुगुन।
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भाग 2 — गद्य (विधा-अनुसार)
गद्य की विधाएँ यहाँ संक्षिप्त परीक्षा-उपयोगी सूची के रूप में दी जा रही हैं; संबंधित विस्तृत पोस्ट उपलब्ध होने पर उनके लिंक जोड़े जाएँगे।
1. उपन्यास
आरंभिक दौर: लाला श्रीनिवास दास — परीक्षा गुरु (1882, प्रथम मौलिक हिंदी उपन्यास माना जाता है, यद्यपि विवादित); देवकीनंदन खत्री — चंद्रकांता (1888), चंद्रकांता संतति (तिलिस्मी-ऐयारी उपन्यास)।
प्रेमचंद युग: मुंशी प्रेमचंद (उपन्यास-सम्राट) — सेवासदन (1918), प्रेमाश्रम (1922), रंगभूमि (1925), निर्मला (1925), कायाकल्प (1926), गबन (1931), कर्मभूमि (1932), गोदान (1936, सर्वश्रेष्ठ माना जाता है), मंगलसूत्र (अपूर्ण, पुत्र अमृतराय द्वारा 1948 में पूर्ण)।
प्रेमचंदोत्तर व अन्य धाराएं: जयशंकर प्रसाद — कंकाल, तितली, इरावती (अपूर्ण); वृंदावनलाल वर्मा (ऐतिहासिक उपन्यास) — गढ़ कुंडार, झांसी की रानी, विराटा की पद्मिनी; भगवतीचरण वर्मा — चित्रलेखा; अमृतलाल नागर — बूँद और समुद्र, मानस का हंस, नाच्यौ बहुत गोपाल।
स्वातंत्र्योत्तर: अज्ञेय — शेखर: एक जीवनी (भाग 1-1941, भाग 2-1944), नदी के द्वीप (1951), अपने-अपने अजनबी (1961); यशपाल — दिव्या, झूठा सच (वतन और देश-1958, देश का भविष्य-1960); फणीश्वरनाथ रेणु — मैला आँचल (1954, आंचलिक उपन्यास-परंपरा का प्रवर्तक), परती परिकथा; धर्मवीर भारती — गुनाहों का देवता, सूरज का सातवाँ घोड़ा; राजेंद्र यादव — सारा आकाश; कमलेश्वर — काली आंधी; निर्मल वर्मा — वे दिन, लाल टीन की छत; कृष्णा सोबती — मित्रो मरजानी, ज़िंदगीनामा; मन्नू भंडारी — आपका बंटी, महाभोज; श्रीलाल शुक्ल — राग दरबारी (1968, व्यंग्य-उपन्यास, साहित्य अकादमी पुरस्कार 1969); विनोद कुमार शुक्ल — नौकर की कमीज़।
2. कहानी
आरंभिक/आधुनिक कहानी की शुरुआत: चंद्रधर शर्मा गुलेरी — "उसने कहा था" (1915, सरस्वती पत्रिका; हिंदी की पहली आधुनिक कहानी मानी जाती है), अन्य कहानियाँ — सुखमय जीवन, बुद्धू का कांटा।
प्रेमचंद युग: प्रेमचंद (कहानी-सम्राट) — मानसरोवर (8 खंडों में संकलित); प्रसिद्ध कहानियाँ — पूस की रात, कफ़न, ईदगाह, बड़े घर की बेटी, नमक का दारोग़ा, दो बैलों की कथा, पंच परमेश्वर, ठाकुर का कुआँ, शतरंज के खिलाड़ी, बूढ़ी काकी।
अन्य प्रमुख कहानीकार: जयशंकर प्रसाद — छाया, आंधी, आकाशदीप; यशपाल — पिंजरे की उड़ान।
नई कहानी आंदोलन (1954 के आसपास): प्रवर्तक-त्रयी — राजेंद्र यादव, मोहन राकेश (नए बादल, जानवर और जानवर), कमलेश्वर; निर्मल वर्मा — परिंदे (1958, नामवर सिंह द्वारा नई कहानी का पहला प्रतिनिधि संग्रह माना गया); अन्य — भीष्म साहनी, मन्नू भंडारी, अमरकांत, कृष्णा सोबती, उषा प्रियंवदा।
3. नाटक
भारतेंदु हरिश्चंद्र — अंधेर नगरी, भारत-दुर्दशा, सत्य हरिश्चंद्र, नीलदेवी; जयशंकर प्रसाद — चंद्रगुप्त, स्कंदगुप्त, ध्रुवस्वामिनी, अजातशत्रु; मोहन राकेश — आषाढ़ का एक दिन (1958, आधुनिक हिंदी नाटक की सशक्त शुरुआत माना जाता है), लहरों के राजहंस, आधे अधूरे, पैर तले की ज़मीन (अधूरा); धर्मवीर भारती — अंधा युग (काव्य-नाटक); रामकुमार वर्मा (एकांकी) — चित्र-रेखा, निशीथ।
4. निबंध
आचार्य रामचंद्र शुक्ल — चिंतामणि (निबंध-संग्रह), रस-मीमांसा (आलोचना); हजारी प्रसाद द्विवेदी — अशोक के फूल, कुटज, विचार प्रवाह, आलोक पर्व; व्यंग्य-निबंध — हरिशंकर परसाई — विकलांग श्रद्धा का दौर, सुनो भाई साधो, भोलाराम का जीव।
5. रेखाचित्र एवं संस्मरण
महादेवी वर्मा (रेखाचित्र की अग्रणी) — अतीत के चलचित्र (1941), स्मृति की रेखाएं (1943); पात्र जैसे भक्तिन, चीनी युवक इसी में चित्रित; पथ के साथी, मेरा परिवार (संस्मरण); रामवृक्ष बेनीपुरी — माटी की मूरतें।
6. आत्मकथा
हरिवंशराय बच्चन — क्या भूलूं क्या याद करूं (चार भागों में); राहुल सांकृत्यायन — मेरी जीवन यात्रा; मोहनदास नैमिशराय — अपने अपने पिंजड़े (1995, पहला दलित आत्मकथन माना जाता है); ओमप्रकाश वाल्मीकि — जूठन (1997, सर्वाधिक चर्चित दलित आत्मकथा)।
7. यात्रा-वृत्तांत
राहुल सांकृत्यायन ("हिंदी यात्रा साहित्य के जनक") — मेरी लद्दाख यात्रा, घुमक्कड़ शास्त्र, किन्नर प्रदेश में।
8. आलोचना
आचार्य रामचंद्र शुक्ल — हिंदी साहित्य का इतिहास (1929), रस-मीमांसा; हजारी प्रसाद द्विवेदी — हिंदी साहित्य की भूमिका, हिंदी साहित्य का आदिकाल; डॉ. नागेंद्र — हिंदी साहित्य का इतिहास/वृहद् इतिहास; डॉ. बच्चन सिंह — हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास (1996); रामविलास शर्मा — प्रगतिशील काव्यधारा और केदारनाथ अग्रवाल; नामवर सिंह — कविता के नए प्रतिमान (1968), छायावाद (आलोचना-ग्रंथ)।
भाग 3 — वर्णानुक्रमिक रचनाकार सूची (अ-ज्ञ)
भाग 1 व भाग 2 में उल्लिखित हर रचनाकार यहाँ वर्णानुक्रम में, उनकी प्रमुख रचनाओं सहित — किसी भी नाम से सीधे उसकी रचनाएं खोजने के लिए, ऊपर वापस जाने की ज़रूरत नहीं। जिन रचनाकारों की कोई विशिष्ट रचना स्रोत में नामांकित नहीं थी, वहाँ केवल काल/विधा-टैग दिया गया है।
अ
अंबिकादत्त व्यास (भारतेंदु युग) — नाटक व काव्य; 'गो संकट' (अपुष्ट)।
अग्रदास (भक्तिकाल, रामाश्रयी)।
अज्ञेय (प्रयोगवाद/नई कविता) — हरी घास पर क्षण भर, इत्यलम्, असाध्य वीणा (काव्य); शेखर: एक जीवनी (भाग 1-1941, भाग 2-1944), नदी के द्वीप (1951), अपने-अपने अजनबी (1961) (उपन्यास)।
अनामिका (समकालीन कविता, स्त्री-विमर्श)।
अनुज लुगुन (समकालीन कविता, आदिवासी-विमर्श)।
अनूप शर्मा (छायावाद, ब्रजभाषा धारा)।
अमरकांत (नई कहानी)।
अमृतलाल नागर (उपन्यास) — बूँद और समुद्र, मानस का हंस, नाच्यौ बहुत गोपाल।
अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' (द्विवेदी युग) — प्रियप्रवास, वैदेही वनवास।
अरुण कमल (समकालीन कविता)।
अवधेश कुमार (चौथा सप्तक)।
अशोक वाजपेयी (समकालीन कविता)।
आ
आचार्य रामचंद्र शुक्ल (आलोचना) — चिंतामणि, रस-मीमांसा, हिंदी साहित्य का इतिहास (1929)।
आचार्य हेमचंद्र (आदिकाल, जैन) — सिद्ध हेमचंद्र शब्दानुशासन।
आलम (रीतिकाल, रीतिमुक्त) — आलम केलि।
उ
उदयशंकर भट्ट (छायावाद)।
उमाशंकर वाजपेयी 'उमेश' (छायावाद, ब्रजभाषा धारा)।
उषा प्रियंवदा (नई कहानी)।
उसमान (भक्तिकाल, प्रेमाश्रयी) — चित्रावली।
क
कण्हपा (आदिकाल, सिद्ध) — चर्याचर्यविनिश्चय।
कबीरदास (भक्तिकाल, ज्ञानाश्रयी) — बीजक (साखी, सबद, रमैनी)।
किशोरीदास वाजपेयी (छायावाद, ब्रजभाषा धारा)।
कमलेश्वर (नई कहानी/उपन्यास) — काली आंधी।
कात्यायनी (समकालीन कविता, स्त्री-विमर्श)।
कीर्ति चौधरी (तीसरा सप्तक)।
कुँवर नारायण (नई कविता/समकालीन कविता) — आत्मजयी।
कुतुबन (भक्तिकाल, प्रेमाश्रयी) — मृगावती।
कुम्भनदास (भक्तिकाल, अष्टछाप)।
कँवल भारती (समकालीन कविता, दलित-विमर्श)।
कृष्णदास (भक्तिकाल, अष्टछाप)।
कृष्णा सोबती (उपन्यास/नई कहानी) — मित्रो मरजानी, ज़िंदगीनामा।
केदारनाथ अग्रवाल (प्रगतिवाद) — युग की गंगा (1947), फूल नहीं रंग बोलते हैं (1965)।
केदारनाथ सिंह (तीसरा सप्तक) — अभी बिल्कुल अभी।
केशवदास (रीतिकाल, प्रवर्तक) — रसिकप्रिया, कविप्रिया, रामचंद्रिका।
ग
गजानन माधव 'मुक्तिबोध' (तार सप्तक) — चाँद का मुँह टेढ़ा है, अंधेरे में।
गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही' (द्विवेदी युग)।
गिरिजाकुमार माथुर (तार सप्तक) — मंजीर, नाश और निर्माण।
गुरु नानक देव (भक्तिकाल, ज्ञानाश्रयी) — गुरु ग्रंथ साहिब, जपुजी साहिब।
गोरखनाथ (आदिकाल, नाथ) — गोरखबानी, गोरख-शतक, सिद्ध सिद्धांत पद्धति, विवेक मार्तंड।
गोविंदस्वामी (भक्तिकाल, अष्टछाप)।
च
चंदबरदाई (आदिकाल, रासो) — पृथ्वीराज रासो।
चंद्रधर शर्मा गुलेरी (कहानी) — उसने कहा था (1915), सुखमय जीवन, बुद्धू का कांटा।
चतुर्भुजदास (भक्तिकाल, अष्टछाप)।
चिंतामणि त्रिपाठी (रीतिकाल, रीतिबद्ध) — कवि-कुल-कल्पतरु, काव्य-विवेक, रस-विनोद।
छीतस्वामी (भक्तिकाल, अष्टछाप)।
ज
जगदंबा प्रसाद मिश्र 'हितैषी' (छायावाद, ब्रजभाषा धारा)।
जगन्नाथदास 'रत्नाकर' (द्विवेदी युग)।
जगनिक (आदिकाल, रासो) — परमाल रासो (आल्हाखंड)।
जानकी वल्लभ शास्त्री (छायावाद)।
जयशंकर प्रसाद (छायावाद) — कामायनी, झरना, आँसू, लहर, चित्राधार (काव्य); कंकाल, तितली, इरावती (उपन्यास); चंद्रगुप्त, स्कंदगुप्त, ध्रुवस्वामिनी, अजातशत्रु (नाटक); छाया, आंधी, आकाशदीप (कहानी)।
ठ
ठाकुर (रीतिकाल, रीतिमुक्त) — ठाकुर ठसक।
ठाकुर जगमोहन सिंह (भारतेंदु युग)।
त
तुलसीदास (भक्तिकाल, रामाश्रयी) — रामचरितमानस, विनयपत्रिका, कवितावली, गीतावली, दोहावली, जानकी मंगल, पार्वती मंगल, हनुमान चालीसा।
त्रिलोचन (प्रगतिवाद) — धरती (1945)।
द
दादू दयाल (भक्तिकाल, ज्ञानाश्रयी) — दादू वाणी।
देव (रीतिकाल, रीतिबद्ध) — भाव-विलास, भवानी-विलास, काव्य-रसायन।
देवकीनंदन खत्री (उपन्यास) — चंद्रकांता (1888), चंद्रकांता संतति।
धनपाल (आदिकाल, जैन) — भविसयत्त कहा।
धर्मदास (भक्तिकाल, ज्ञानाश्रयी)।
धर्मवीर भारती (नई कविता) — ठंडा लोहा, सात गीत वर्ष (काव्य); गुनाहों का देवता (उपन्यास); अंधा युग (काव्य-नाटक)।
धूमिल (समकालीन कविता) — संसद से सड़क तक (1972), कल सुनना मुझे, सुदामा पांडे का प्रजातंत्र।
दुष्यंत कुमार (नई कविता)।
न
नंददास (भक्तिकाल, अष्टछाप)।
नंदकिशोर आचार्य (चौथा सप्तक)।
नरपति नाल्ह (आदिकाल, रासो) — बीसलदेव रासो।
नरेंद्र शर्मा (छायावाद)।
नरेश मेहता (दूसरा सप्तक) — संशय की एक रात।
नागार्जुन (प्रगतिवाद) — युगधारा, प्यासी पथराई आँखें, बादल को घिरते देखा है, सतरंगे पंखों वाली।
नाथूराम शर्मा 'शंकर' (द्विवेदी युग)।
नाभादास (भक्तिकाल, रामाश्रयी) — भक्तमाल।
नामवर सिंह (आलोचना) — कविता के नए प्रतिमान (1968), छायावाद।
निर्मल वर्मा (नई कहानी/उपन्यास) — परिंदे (1958), वे दिन, लाल टीन की छत।
नेमिचंद्र जैन (तार सप्तक)।
प
पद्माकर (रीतिकाल, रीतिबद्ध) — जगद्विनोद, पद्माभरण, हिम्मतबहादुर-विरुदावली, गंगालहरी।
परमानंददास (भक्तिकाल, अष्टछाप)।
प्रतापनारायण मिश्र (भारतेंदु युग) — कलि-कौतुक रूपक, हठी हम्मीर।
प्रभाकर माचवे (तार सप्तक)।
प्रयाग नारायण त्रिपाठी (तीसरा सप्तक)।
प्रेमचंद (उपन्यास/कहानी) — सेवासदन (1918), प्रेमाश्रम (1922), रंगभूमि (1925), निर्मला (1925), कायाकल्प (1926), गबन (1931), कर्मभूमि (1932), गोदान (1936), मंगलसूत्र (अपूर्ण); मानसरोवर (कहानी-संग्रह, 8 खंड) — पूस की रात, कफ़न, ईदगाह, बड़े घर की बेटी, नमक का दारोग़ा, दो बैलों की कथा, पंच परमेश्वर, ठाकुर का कुआँ, शतरंज के खिलाड़ी, बूढ़ी काकी।
पुष्पदंत (आदिकाल, जैन) — महापुराण, नागकुमार चरित, यशोधरा चरित।
फ
फणीश्वरनाथ रेणु (उपन्यास) — मैला आँचल (1954), परती परिकथा।
ब
बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' (भारतेंदु युग) — भारत सौभाग्य।
बालकृष्ण भट्ट (भारतेंदु युग) — नूतन ब्रह्मचारी, सौ अजान एक सुजान।
बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' (छायावाद) — कुंकुम, प्राणार्पण, उर्मिला।
बिहारीलाल (रीतिकाल, रीतिसिद्ध) — बिहारी सतसई।
बोधा (रीतिकाल, रीतिमुक्त) — विरहवारीश।
भ
भगवतीचरण वर्मा (छायावाद-लघुत्रयी/उपन्यास) — चित्रलेखा।
भवानी प्रसाद मिश्र (दूसरा सप्तक) — गीत फरोश, खुशबू के शिलालेख।
भारतभूषण अग्रवाल (तार सप्तक)।
भारतेंदु हरिश्चंद्र (भारतेंदु युग, युग-प्रवर्तक) — अंधेर नगरी, भारत-दुर्दशा, सत्य हरिश्चंद्र, नीलदेवी।
भिखारीदास (रीतिकाल, रीतिबद्ध) — काव्य-निर्णय, छंदार्णव।
भीष्म साहनी (नई कहानी)।
भूषण (रीतिकाल, वीर-काव्य) — शिवराज भूषण, शिवा बावनी, छत्रसाल दशक।
म
मंगलेश डबराल (समकालीन कविता)।
मंझन (भक्तिकाल, प्रेमाश्रयी) — मधुमालती।
मतिराम (रीतिकाल, रीतिबद्ध) — ललित-ललाम, रसराज।
मत्स्येंद्रनाथ (आदिकाल, नाथ — आदि गुरु)।
मदन वात्स्यायन (तीसरा सप्तक)।
मन्नू भंडारी (नई कहानी/उपन्यास) — आपका बंटी, महाभोज।
मलिक मुहम्मद जायसी (भक्तिकाल, प्रेमाश्रयी) — पद्मावत, अखरावट, आखिरी कलाम।
मलूकदास (भक्तिकाल, ज्ञानाश्रयी)।
महादेवी वर्मा (छायावाद) — नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत (मिलाकर यामा, 1940); अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएं (रेखाचित्र)।
मैथिलीशरण गुप्त (द्विवेदी युग) — भारत-भारती, जयद्रथ-वध, रंग में भंग।
मोहन राकेश (नाटक/नई कहानी) — आषाढ़ का एक दिन (1958), लहरों के राजहंस, आधे अधूरे, पैर तले की ज़मीन; नए बादल, जानवर और जानवर (कहानी-संग्रह)।
मोहनदास नैमिशराय (आत्मकथा) — अपने अपने पिंजड़े (1995)।
माखनलाल चतुर्वेदी (छायावाद) — कैदी और कोकिला, पुष्प की अभिलाषा, हिम तरंगिणी।
मीराबाई (भक्तिकाल, कृष्णाश्रयी)।
य
यशपाल (उपन्यास/कहानी) — दिव्या, झूठा सच (वतन और देश-1958, देश का भविष्य-1960); पिंजरे की उड़ान (कहानी-संग्रह)।
र
रघुवीर सहाय (दूसरा सप्तक/समकालीन कविता) — सीढ़ियों पर धूप में, आत्महत्या के विरुद्ध।
रांगेय राघव (प्रगतिवाद) — अजेय खंडहर, मेधावी, पांचाली।
राजकुमार कुंभज (चौथा सप्तक)।
राजेंद्र किशोर (चौथा सप्तक)।
राजेंद्र यादव (नई कहानी/उपन्यास) — सारा आकाश।
राजेश जोशी (समकालीन कविता)।
राधाकृष्ण दास (भारतेंदु युग) — दुखिनी बाला।
राधाचरण गोस्वामी (भारतेंदु युग)।
राय कृष्णदास (छायावाद, ब्रजभाषा धारा)।
रामकुमार वर्मा (छायावाद/एकांकी) — चित्र-रेखा, निशीथ, आकाशगंगा।
रामधारी सिंह दिनकर (छायावाद-प्रभावित/प्रगतिवाद-सीमावर्ती) — हुंकार, रेणुका।
रामनरेश त्रिपाठी (द्विवेदी युग) — पथिक, मिलन।
रामनाथ जोतिसी (छायावाद, ब्रजभाषा धारा)।
रामवृक्ष बेनीपुरी (संस्मरण) — माटी की मूरतें।
रामविलास शर्मा (प्रगतिवाद, आलोचक) — प्रगतिशील काव्यधारा और केदारनाथ अग्रवाल।
रामेश्वर 'करुण' (छायावाद, ब्रजभाषा धारा)।
रामेश्वर शुक्ल 'अंचल' (छायावाद)।
रसखान (भक्तिकाल, कृष्णाश्रयी) — सुजान रसखान, प्रेमवाटिका।
राहुल सांकृत्यायन (यात्रा-वृत्तांत) — मेरी लद्दाख यात्रा, घुमक्कड़ शास्त्र, किन्नर प्रदेश में; मेरी जीवन यात्रा (आत्मकथा)।
रैदास (भक्तिकाल, ज्ञानाश्रयी)।
ल
लाला श्रीनिवास दास (उपन्यास) — परीक्षा गुरु (1882)।
लक्ष्मीकांत वर्मा (नई कविता)।
लीलाधर जगूड़ी (समकालीन कविता)।
लोचन प्रसाद पाण्डेय (द्विवेदी युग)।
लुइपा (आदिकाल, सिद्ध) — लुइपादगीतिका।
व
विजयदेव नारायण साही (तीसरा सप्तक)।
वियोगी हरि (छायावाद, ब्रजभाषा धारा)।
विद्यापति (आदिकाल) — कीर्तिलता, कीर्तिपताका, पदावली।
विनोद कुमार शुक्ल (समकालीन कविता/उपन्यास) — नौकर की कमीज़।
वृंद (रीतिकाल, रीतिसिद्ध — नीति-दोहे)।
वृंदावनलाल वर्मा (उपन्यास) — गढ़ कुंडार, झांसी की रानी, विराटा की पद्मिनी।
श
शकुंतला माथुर (दूसरा सप्तक)।
शमशेर बहादुर सिंह (दूसरा सप्तक) — चुका भी हूँ मैं नहीं, इतने पास अपने, काल तुझसे होड़ है मेरी।
शालिभद्र सूरि (आदिकाल, जैन) — भरतेश्वर बाहुबली रास।
शिवमंगल सिंह 'सुमन' (प्रगतिवाद) — जीवन के गान, प्रलय-सृजन।
शबरपा (आदिकाल, सिद्ध) — चर्यापद, महामुद्रावज्रगीति।
श्यामनारायण पांडेय (छायावाद, राष्ट्रीय-सांस्कृतिक धारा)।
श्रीकांत वर्मा (समकालीन कविता)।
श्रीधर पाठक (द्विवेदी युग — प्रकृति-चित्रण)।
श्रीराम वर्मा (चौथा सप्तक)।
श्रीलाल शुक्ल (उपन्यास) — राग दरबारी (1968)।
स
सरहपा (आदिकाल, प्रथम सिद्ध कवि) — दोहाकोश।
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना (तीसरा सप्तक) — काठ की घंटियाँ।
सियारामशरण गुप्त (छायावाद)।
सुंदरदास (भक्तिकाल, ज्ञानाश्रयी)।
सुभद्रा कुमारी चौहान (छायावाद, राष्ट्रीय-सांस्कृतिक धारा) — झाँसी की रानी।
सुमन राजे (चौथा सप्तक)।
सुमित्रानंदन पंत (छायावाद/प्रगतिवाद) — उच्छ्वास, पल्लव (1926), गुंजन, ग्रंथि, लोकायतन; युगांत (1936), युगवाणी, ग्राम्या।
सूरदास (भक्तिकाल, अष्टछाप) — सूरसागर, सूरसारावली, साहित्य-लहरी।
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' (छायावाद/प्रगतिवाद) — परिमल, गीतिका, अनामिका, तुलसीदास, जूही की कली (1916); वह तोड़ती पत्थर, विधवा, कुकुरमुत्ता, भिक्षुक।
स्वदेश भारती (चौथा सप्तक)।
स्वयंभू (आदिकाल, जैन) — पउमचरिउ, रिट्ठणेमि चरिउ, स्वयंभूच्छंद, हरिवंश पुराण।
ह
हजारी प्रसाद द्विवेदी (आलोचना/निबंध) — अशोक के फूल, कुटज, विचार प्रवाह, आलोक पर्व; हिंदी साहित्य की भूमिका, हिंदी साहित्य का आदिकाल।
हरिकृष्ण 'प्रेमी' (छायावाद)।
हरिनारायण व्यास (दूसरा सप्तक)।
हरिवंशराय बच्चन (छायावाद-प्रभावित/हालावाद) — मधुशाला (काव्य); क्या भूलूं क्या याद करूं (आत्मकथा, चार भाग)।
हरिशंकर परसाई (व्यंग्य-निबंध) — विकलांग श्रद्धा का दौर, सुनो भाई साधो, भोलाराम का जीव।
डॉ. (साहित्येतिहासकार/आलोचक — प्रचलित संबोधन सहित)
डॉ. नागेंद्र (आलोचना) — हिंदी साहित्य का इतिहास/वृहद् इतिहास।
डॉ. बच्चन सिंह (आलोचना) — हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास (1996)।
ओ
ओमप्रकाश वाल्मीकि (समकालीन कविता/आत्मकथा) — जूठन (1997)।
यह सूची प्रमुख /उल्लेखनीय रचनाकारों तक सीमित है, हिंदी साहित्य के हर रचनाकार की संपूर्ण सूची नहीं।
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