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मुहावरे किसे कहते हैं? परिभाषा, भेद एवं 70+ उदाहरण अर्थ सहित

मुहावरे हिंदी भाषा की वह विशेषता हैं, जो सामान्य वाक्यों को भी जीवंत, रोचक और प्रभावशाली बना देते हैं। जब हम कहते हैं "उसने मेरी नाक में दम कर दिया", तो हमारा आशय वास्तविक नाक से नहीं, बल्कि बहुत परेशान किए जाने से होता है। यही मुहावरों की सबसे बड़ी विशेषता है — इनका शाब्दिक अर्थ नहीं, बल्कि इनका लाक्षणिक (छिपा हुआ) अर्थ लिया जाता है।

विद्यालयी परीक्षाओं से लेकर UPSC, SSC, बैंक, रेलवे, CTET, UPTET, TGT, PGT तथा लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं — कभी अर्थ पूछकर, कभी सही वाक्य-प्रयोग चुनवाकर।

इस लेख में आप मुहावरे की परिभाषा, विशेषताएँ, मुहावरे और लोकोक्ति में अंतर, तथा 70+ प्रमुख मुहावरे — अर्थ एवं वाक्य-प्रयोग सहित — श्रेणीवार सीखेंगे।

मुहावरे किसे कहते हैं?

वाक्य में प्रयुक्त होने वाला वह शब्द-समूह, जिसका अर्थ उसके शब्दों के सामान्य (शाब्दिक) अर्थ से भिन्न होकर कोई विशेष, रूढ़ एवं लाक्षणिक अर्थ प्रकट करे, उसे मुहावरा कहते हैं।

उदाहरण से समझें:

"आँखों में धूल झोंकना" — यदि इसका शाब्दिक अर्थ लें तो यह आँखों में धूल डालने की बात लगेगी। लेकिन वाक्य में इसका वास्तविक अर्थ है — धोखा देना। जैसे — "दुकानदार ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंककर नकली सामान बेच दिया।"

मुहावरों की प्रमुख विशेषताएँ

  • मुहावरे स्वयं में पूर्ण वाक्य नहीं होते, बल्कि वाक्य के भीतर प्रयुक्त होते हैं।
  • इनका अर्थ शाब्दिक न होकर लाक्षणिक (छिपा हुआ) होता है।
  • मुहावरों का रूप प्रायः स्थिर (रूढ़) रहता है, इनमें मनमाना परिवर्तन नहीं किया जा सकता।
  • ये भाषा को संक्षिप्त, सजीव तथा प्रभावशाली बनाते हैं।
  • मुहावरे क्रिया के अनुसार लिंग, वचन, काल में बदल सकते हैं — जैसे "नाक में दम करना" → "नाक में दम कर दिया" → "नाक में दम कर रही है"।

मुहावरे और लोकोक्ति में अंतर

विद्यार्थी अक्सर मुहावरे और लोकोक्ति (कहावत) में भ्रमित हो जाते हैं। दोनों में एक बुनियादी अंतर याद रखने से यह भ्रम दूर हो जाता है।

  • मुहावरा — अपूर्ण वाक्यांश है, वाक्य में प्रयुक्त होता है; उद्देश्य भाषा को रोचक व प्रभावशाली बनाना है; वाक्य के एक अंश के रूप में प्रयोग होता है। उदाहरण: नाक में दम करना।
  • लोकोक्ति — अपने आप में पूर्ण वाक्य होती है; उद्देश्य जीवन का अनुभव या नीति व्यक्त करना है; स्वतंत्र कथन के रूप में प्रयोग होती है। उदाहरण: अंधा क्या चाहे, दो आँखें।

ध्यान दें: हिंदी व्याकरण में मुहावरों को शब्द-शक्ति के अंतर्गत लक्षणा का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है — क्योंकि इनमें शब्द अपना शाब्दिक अर्थ छोड़कर उससे संबंधित दूसरे अर्थ को व्यक्त करते हैं।

मुहावरों का वर्गीकरण

याद रखने और अभ्यास करने में सुविधा के लिए मुहावरों को उनके स्रोत के आधार पर श्रेणियों में बाँटा जा सकता है। यहाँ पाँच प्रमुख श्रेणियों में सबसे अधिक प्रचलित एवं परीक्षोपयोगी मुहावरे दिए गए हैं।

1. शरीर के अंगों से संबंधित मुहावरे

  • आँखें दिखाना — क्रोध से डराना। पिताजी के आँखें दिखाते ही बच्चा चुप हो गया।
  • आँखों में धूल झोंकना — धोखा देना। ठग ने बूढ़ी महिला की आँखों में धूल झोंककर उसके गहने चुरा लिए।
  • आँख का तारा होना — बहुत प्रिय होना। छोटी बेटी अपने पिता की आँख का तारा है।
  • आँखें खुलना — सच्चाई का ज्ञान होना। ठगे जाने के बाद ही उसकी आँखें खुलीं।
  • आँखें बिछाना — बड़े आदर-सत्कार से स्वागत करना। गाँव वालों ने मेहमानों के लिए आँखें बिछा दीं।
  • कान भरना — चुगली करके भड़काना। पड़ोसी ने माँ के कान भरकर दोनों भाइयों में झगड़ा करवा दिया।
  • कान का कच्चा होना — जल्दी किसी की बात मान लेना। राजा कान का कच्चा था, इसी कारण मंत्री उसे आसानी से भड़का देते थे।
  • कान खड़े होना — सतर्क हो जाना। अजीब आवाज़ सुनते ही सिपाही के कान खड़े हो गए।
  • नाक में दम करना — बहुत परेशान करना। बच्चों के शोर ने पड़ोसियों की नाक में दम कर दिया।
  • नाक रगड़ना — बहुत विनती करना। माफी माँगने के लिए उसे नाक रगड़नी पड़ी।
  • नाक कटना — अपमानित होना। बेटे की करतूत से पूरे परिवार की नाक कट गई।
  • मुँह में पानी आना — किसी वस्तु को पाने की तीव्र इच्छा होना। गरमागरम पकौड़े देखकर सबके मुँह में पानी आ गया।
  • मुँह की खाना — हार जाना। चुनाव में विरोधी उम्मीदवार को मुँह की खानी पड़ी।
  • मुँह देखते रह जाना — चकित/हैरान रह जाना। अचानक हुई घोषणा सुनकर सब उसका मुँह देखते रह गए।
  • सिर पर चढ़ना — लाड़-प्यार में बिगड़ जाना। अत्यधिक दुलार से बच्चा सिर पर चढ़ गया है।
  • सिर आँखों पर बिठाना — बहुत आदर-सम्मान देना। घर आए मेहमान को उसने सिर आँखों पर बिठाया।
  • सिर मुँडाते ही ओले पड़ना — काम शुरू करते ही मुसीबत आना। दुकान खोलते ही घाटा होने लगा — यह तो सिर मुँडाते ही ओले पड़ने वाली बात हुई।
  • हाथ पैर मारना — कोशिश करना। नौकरी पाने के लिए उसने बहुत हाथ पैर मारे।
  • हाथ मलना — पछताना। समय पर काम न करने पर अब हाथ मलने से क्या फ़ायदा।
  • हाथ खाली होना — पैसे न होना। महीने के अंत तक उसका हाथ खाली हो जाता है।
  • दाँत खट्टे करना — बुरी तरह हराना। भारतीय सेना ने शत्रुओं के दाँत खट्टे कर दिए।
  • दाँतों तले उँगली दबाना — आश्चर्यचकित होना। उसकी प्रतिभा देखकर सभी दाँतों तले उँगली दबा बैठे।
  • पेट में चूहे कूदना — बहुत भूख लगना। दोपहर होते-होते पेट में चूहे कूदने लगे।
  • गले का हार होना — बहुत प्रिय होना। वह अपने माता-पिता के गले का हार है।
  • गला छूटना — पीछा छूटना। कर्ज़ चुकाकर उसका गला छूटा।

2. पशु-पक्षियों से संबंधित मुहावरे

  • ऊँट के मुँह में जीरा — आवश्यकता से बहुत कम मिलना। पूरे परिवार के लिए वह वेतन तो ऊँट के मुँह में जीरा है।
  • कुत्ते की मौत मरना — बहुत अपमानजनक तरीके से मरना। अपने कर्मों के कारण वह कुत्ते की मौत मरा।
  • बिल्ली के भाग्य से छींका टूटना — बिना प्रयास लाभ मिलना। बिना पढ़े परीक्षा पास कर लेना तो बिल्ली के भाग्य से छींका टूटने जैसा है।
  • गधे को बाप बनाना — स्वार्थवश मूर्ख की चापलूसी करना। काम निकलवाने के लिए वह गधे को बाप बनाने में भी नहीं हिचकता।
  • शेर का जिगर होना — बहुत साहसी होना। अकेले डाकुओं का सामना करने के लिए शेर का जिगर चाहिए।
  • मुर्गे की एक टांग — अपनी बात पर अड़े रहना। वह अपनी माँग पर मुर्गे की एक टांग लेकर बैठा रहा।
  • काला अक्षर भैंस बराबर — बिल्कुल अनपढ़ होना। उसके लिए अंग्रेज़ी अभी भी काला अक्षर भैंस बराबर है।
  • साँप छछूँदर की गति होना — दुविधा की स्थिति में होना। अब उसकी हालत साँप छछूँदर की गति जैसी हो गई है — न कह सकता है, न सह सकता है।

3. संख्याओं से संबंधित मुहावरे

  • नौ दो ग्यारह होना — भाग जाना। पुलिस को देखते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गया।
  • एक आँख से देखना — बिना भेदभाव के समान व्यवहार करना। एक अच्छा शिक्षक सभी विद्यार्थियों को एक आँख से देखता है।
  • छठी का दूध याद आना — बहुत कष्ट का अनुभव होना। पहाड़ चढ़ते-चढ़ते उसे छठी का दूध याद आ गया।
  • दो टूक बात करना — स्पष्ट रूप से कहना। मालिक ने कर्मचारी से दो टूक बात कर दी।
  • एक पंथ दो काज — एक प्रयास से दो लाभ होना। बाज़ार जाते समय सब्ज़ी और दवाई दोनों ले आया — एक पंथ दो काज हो गया।
  • चार चाँद लगाना — शोभा बढ़ाना। उसकी उपस्थिति ने समारोह में चार चाँद लगा दिए।
  • सात घाट का पानी पीना — बहुत अनुभवी और चतुर होना। वह व्यापारी सात घाट का पानी पिए हुए है, उसे धोखा देना आसान नहीं।

4. प्रकृति एवं वस्तुओं से संबंधित मुहावरे

  • आसमान से बातें करना — बहुत ऊँचा होना / बहुत उन्नति करना। यह इमारत तो आसमान से बातें करती है।
  • आग में घी डालना — पहले से चल रहे झगड़े को भड़काना। बीच में बोलकर उसने आग में घी डालने का काम किया।
  • आग बबूला होना — बहुत क्रोधित होना। सच्चाई सुनते ही वह आग बबूला हो गया।
  • पानी पानी होना — बहुत शर्मिंदा होना। सबके सामने झूठ पकड़े जाने पर वह पानी पानी हो गया।
  • दूध का दूध पानी का पानी करना — सही-सही न्याय करना। पंचायत ने मामले में दूध का दूध पानी का पानी कर दिया।
  • लोहा लेना — मुक़ाबला करना। छोटी सेना ने बड़ी सेना से लोहा लिया।
  • लोहे के चने चबाना — बहुत कठिन कार्य करना। पहाड़ी रास्तों पर चढ़ना लोहे के चने चबाने जैसा है।
  • तूती बोलना — प्रभाव/दबदबा होना। बाज़ार में उस व्यापारी की तूती बोलती है।
  • ईंट से ईंट बजाना — पूरी तरह नष्ट कर देना। बाढ़ ने पूरे गाँव की ईंट से ईंट बजा दी।
  • हवा में उड़ना — घमंड करना। थोड़ी सफलता मिलते ही वह हवा में उड़ने लगा।
  • हवा हो जाना — अचानक गायब हो जाना। पैसे लेते ही ठग हवा हो गया।
  • जान हथेली पर रखना — जोखिम के लिए तैयार होना। सैनिक जान हथेली पर रखकर सीमा की रक्षा करते हैं।
  • जान में जान आना — राहत/चैन मिलना। बेटे का फोन आते ही माँ की जान में जान आई।
  • आसमान सिर पर उठाना — बहुत शोर मचाना। छोटी सी बात पर उसने आसमान सिर पर उठा लिया।
  • अंगारों पर लोटना — बहुत बेचैन/व्याकुल रहना। परिणाम आने तक वह अंगारों पर लोटता रहा।
  • अंधेरे में तीर चलाना — बिना जानकारी अनुमान लगाना। बिना तैयारी के परीक्षा देना अंधेरे में तीर चलाने जैसा है।
  • आड़े हाथों लेना — कड़ी फटकार लगाना। गलती पकड़े जाने पर शिक्षक ने उसे आड़े हाथों लिया।

5. स्वभाव एवं कार्य से संबंधित मुहावरे

  • दिन में तारे दिखाई देना — बहुत कष्ट का अनुभव होना। भारी बोझ उठाते ही उसे दिन में तारे दिखाई दिए।
  • नमक मिर्च लगाना — बात बढ़ा-चढ़ाकर कहना। उसने नमक मिर्च लगाकर पूरी घटना सुनाई।
  • पापड़ बेलना — कठिन परिश्रम करना। नौकरी पाने के लिए उसे बहुत पापड़ बेलने पड़े।
  • हाथ धोकर पीछे पड़ना — दृढ़ता से पीछे लग जाना। वह हाथ धोकर उसके पीछे पड़ गया कि पैसे वसूल कर के रहेगा।
  • मक्खी पर मक्खी मारना — बिना सोचे-समझे नकल करना। वह हर बात में केवल मक्खी पर मक्खी मारता है, अपना कुछ नहीं सोचता।
  • घी के दीये जलाना — बहुत खुशी मनाना। बेटे की सफलता पर परिवार ने घी के दीये जलाए।
  • खून पसीना एक करना — बहुत मेहनत करना। किसान खून पसीना एक करके फ़सल उगाता है।
  • जी चुराना — काम से बचना। वह हमेशा मेहनत के काम से जी चुराता है।
  • टका सा जवाब देना — साफ इनकार करना। मदद माँगने पर उसने टका सा जवाब दे दिया।
  • डींग हांकना — शेखी बघारना। बिना काम किए वह केवल डींग हांकता रहता है।
  • पेट में बात न पचना — राज़ न रख पाना। उसके पेट में कोई बात नहीं पचती, सबको बता देता है।
  • मुँह में राम बगल में छुरी — ऊपर से भला दिखना, मन में बुराई रखना। उस व्यक्ति का तो मुँह में राम बगल में छुरी वाला स्वभाव है।
  • बगलें झाँकना — लज्जित होकर उत्तर न दे पाना। सवाल पूछते ही वह बगलें झाँकने लगा।
  • रंग में भंग होना — खुशी के अवसर पर विघ्न पड़ना। अचानक बारिश से समारोह का रंग में भंग हो गया।
  • लाल पीला होना — क्रोधित होना। बात सुनते ही वह लाल पीला हो गया।
  • साँप सूँघ जाना — चुप्पी साध लेना। सवाल सुनते ही उसे मानो साँप सूँघ गया।

परीक्षा में मुहावरे कैसे पूछे जाते हैं?

प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरों से संबंधित प्रश्न मुख्यतः दो प्रकार से पूछे जाते हैं—

  • अर्थ पूछना: किसी मुहावरे को देकर उसका सही अर्थ चुनने के लिए कहा जाता है। जैसे — "नाक में दम करना" मुहावरे का अर्थ है? (क) मरना (ख) बहुत परेशान करना ✅ (ग) खुश होना
  • वाक्य-प्रयोग पहचानना: कई विकल्पों में से यह पहचानना होता है कि किस वाक्य में मुहावरे का सही प्रयोग हुआ है।

परीक्षा टिप: मुहावरे को हमेशा उसके पूरे रूप में याद करें (जैसे केवल "आँख" नहीं, बल्कि "आँखों में धूल झोंकना")। शाब्दिक अर्थ पर ध्यान न देकर सीधे उसके प्रचलित/लाक्षणिक अर्थ को याद रखें।

मुहावरों से जुड़ी सामान्य भूलें

  • मुहावरे का शाब्दिक अर्थ लेने की भूल करना।
  • मुहावरे को स्वतंत्र वाक्य समझकर लोकोक्ति से भ्रमित करना।
  • मुहावरे के रूढ़ रूप में मनमाना बदलाव कर देना (जैसे "नाक में दम करना" को "नाक में परेशानी करना" कहना)।
  • वाक्य में मुहावरे का लिंग-वचन-काल के अनुसार सही रूप न बदल पाना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. मुहावरा किसे कहते हैं?

वाक्य में प्रयुक्त होने वाला वह शब्द-समूह, जिसका अर्थ उसके शब्दों के शाब्दिक अर्थ से भिन्न होकर कोई विशेष लाक्षणिक अर्थ प्रकट करे, उसे मुहावरा कहते हैं।

2. मुहावरे और लोकोक्ति में क्या अंतर है?

मुहावरा एक अपूर्ण वाक्यांश है जो वाक्य के भीतर प्रयुक्त होता है, जबकि लोकोक्ति अपने आप में पूर्ण वाक्य होती है और जीवन का कोई अनुभव या नीति व्यक्त करती है।

3. मुहावरों का शाब्दिक अर्थ क्यों नहीं लिया जाता?

क्योंकि मुहावरे लक्षणा शब्द-शक्ति पर आधारित होते हैं — इनका मुख्य अर्थ छोड़कर उससे संबंधित दूसरा, रूढ़ अर्थ ग्रहण किया जाता है।

4. "नाक में दम करना" मुहावरे का क्या अर्थ है?

"नाक में दम करना" का अर्थ है — बहुत परेशान करना।

5. प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरों से किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं?

सामान्यतः किसी मुहावरे का सही अर्थ चुनने या किसी वाक्य में मुहावरे के सही प्रयोग की पहचान करने से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

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निष्कर्ष

मुहावरे हिंदी भाषा की जान हैं — ये सामान्य वाक्यों में जान डाल देते हैं और भाषा को अधिक सजीव, संक्षिप्त तथा प्रभावशाली बनाते हैं। विद्यालयी परीक्षाओं से लेकर हर प्रतियोगी परीक्षा तक इनका विशेष महत्व है। इस लेख में दिए गए 70+ मुहावरों का श्रेणीवार अभ्यास करने से न केवल आपकी परीक्षा की तैयारी मज़बूत होगी, बल्कि आपकी बोलचाल की हिंदी भी अधिक प्रभावशाली बनेगी।

लेखक परिचय
बालकृष्ण द्विवेदी

शिक्षक, भाषाविद् एवं लेखक। हिंदी भाषा, व्याकरण और साहित्य के अध्येता तथा हिंदीजन के संस्थापक। उद्देश्य — हिंदी की प्रामाणिक अध्ययन सामग्री विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों तक सरल भाषा में पहुँचाना।

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