सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पुरुष किसे कहते हैं? परिभाषा, भेद, उदाहरण, प्रश्नावली

पुरुष हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक तत्त्व है, जिसके माध्यम से यह ज्ञात होता है कि वाक्य में क्रिया का संबंध किसके साथ है। दूसरे शब्दों में, बोलने वाला, सुनने वाला अथवा जिसके विषय में कहा जा रहा हो, उसके आधार पर पुरुष का निर्धारण किया जाता है।

हिंदी व्याकरण में पुरुष के तीन भेद माने जाते हैं—उत्तम पुरुष, मध्यम पुरुष तथा अन्य पुरुष। भाषा के शुद्ध प्रयोग, वाक्य-रचना तथा क्रिया के उचित रूप के चयन के लिए पुरुष का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है।

इस लेख में पुरुष किसे कहते हैं, पुरुष की परिभाषा, उसके भेद, प्रत्येक भेद के उदाहरण, महत्वपूर्ण सारिणियाँ, विशेष टिप्पणियाँ, परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी तथ्य तथा प्रश्नावली का क्रमबद्ध अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।


पुरुष किसे कहते हैं?

व्याकरण में क्रिया के जिस रूप से बोलने वाले, सुनने वाले अथवा जिसके विषय में कुछ कहा जा रहा हो, उसका बोध होता है, उसे पुरुष कहते हैं।

परिभाषा :
क्रिया के जिस रूप से बोलने वाले, सुनने वाले अथवा जिसके विषय में कुछ कहा जाता है, उसका बोध हो, उसे पुरुष कहते हैं।

उदाहरण—

  • मैं विद्यालय जाता हूँ।
  • तुम पुस्तक पढ़ते हो।
  • वह खेल रहा है।

उपरोक्त वाक्यों में मैं, तुम तथा वह क्रमशः बोलने वाले, सुनने वाले तथा जिसके विषय में कहा जा रहा है, उनका बोध कराते हैं। इसी आधार पर इनका पुरुष निर्धारित होता है।

पुरुष के भेद

हिंदी व्याकरण में पुरुष के तीन भेद माने जाते हैं। ये भेद बोलने वाले, सुनने वाले तथा जिसके विषय में कहा जा रहा हो, उसके आधार पर निर्धारित किए जाते हैं।

  1. उत्तम पुरुष
  2. मध्यम पुरुष
  3. अन्य पुरुष

इन तीनों भेदों का संक्षिप्त परिचय निम्नलिखित है—


1. उत्तम पुरुष

जिस पुरुष से बोलने वाले (वक्ता) का बोध हो, उसे उत्तम पुरुष कहते हैं।

प्रमुख सर्वनाम— मैं, हम

उदाहरण—

  • मैं विद्यालय जाता हूँ।
  • हम प्रतिदिन अध्ययन करते हैं।

2. मध्यम पुरुष

जिस पुरुष से सुनने वाले (श्रोता) का बोध हो, उसे मध्यम पुरुष कहते हैं।

प्रमुख सर्वनाम— तू, तुम, आप

उदाहरण—

  • तुम समय पर विद्यालय पहुँचो।
  • आप बहुत अच्छा पढ़ाते हैं।

3. अन्य पुरुष

जिस पुरुष से उस व्यक्ति, वस्तु अथवा प्राणी का बोध हो जिसके विषय में कुछ कहा जा रहा हो, उसे अन्य पुरुष कहते हैं।

प्रमुख सर्वनाम— यह, वह, ये, वे

उदाहरण—

  • वह पुस्तक पढ़ रहा है।
  • वे खेल रहे हैं।
विशेष टिप्पणी

कुछ आधुनिक पुस्तकों में अन्य पुरुष के स्थान पर प्रथम पुरुष शब्द का भी प्रयोग मिलता है, परंतु मानक हिंदी व्याकरण के प्रतिष्ठित ग्रंथों, विशेषकर पंडित कामताप्रसाद गुरु के हिंदी व्याकरण में उत्तम पुरुष, मध्यम पुरुष तथा अन्य पुरुष का वर्गीकरण स्वीकार किया गया है। इस लेख में भी इसी मानक का अनुसरण किया गया है।

पुरुष की सारिणी

पुरुष बोध प्रमुख सर्वनाम उदाहरण
उत्तम पुरुष बोलने वाला मैं, हम मैं विद्यालय जाता हूँ।
मध्यम पुरुष सुनने वाला तू, तुम, आप तुम पुस्तक पढ़ते हो।
अन्य पुरुष जिसके विषय में कहा जाए यह, वह, ये, वे वह खेल रहा है।

पुरुष की पहचान कैसे करें?

किसी वाक्य में पुरुष की पहचान करने के लिए सबसे पहले यह देखें कि क्रिया का संबंध किससे है। यदि क्रिया बोलने वाले से संबंधित है, तो उत्तम पुरुष; यदि सुनने वाले से संबंधित है, तो मध्यम पुरुष; और यदि किसी अन्य व्यक्ति, वस्तु अथवा प्राणी से संबंधित है, तो अन्य पुरुष होगा।

विशेष टिप्पणी:

पुरुष का निर्धारण सर्वनाम या क्रिया के संबंध से किया जाता है। केवल संज्ञा देखकर पुरुष का निर्णय करना उचित नहीं है। वाक्य के आशय को समझना आवश्यक होता है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

  • हिंदी व्याकरण में पुरुष के तीन भेद माने जाते हैं—उत्तम पुरुष, मध्यम पुरुष तथा अन्य पुरुष
  • उत्तम पुरुष से बोलने वाले का बोध होता है।
  • मध्यम पुरुष से सुनने वाले का बोध होता है।
  • अन्य पुरुष से उस व्यक्ति, वस्तु अथवा प्राणी का बोध होता है, जिसके विषय में कुछ कहा जाता है।
  • पुरुष का संबंध क्रिया तथा सर्वनाम दोनों से होता है।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में वाक्य देखकर पुरुष की पहचान से संबंधित प्रश्न प्रायः पूछे जाते हैं।

प्रश्नावली

बहुविकल्पीय प्रश्न

  1. हिंदी व्याकरण में पुरुष के कितने भेद माने जाते हैं?
    • (क) दो
    • (ख) तीन
    • (ग) चार
    • (घ) पाँच
  2. 'हम' किस पुरुष का सर्वनाम है?
    • (क) उत्तम पुरुष
    • (ख) मध्यम पुरुष
    • (ग) अन्य पुरुष
    • (घ) इनमें से कोई नहीं
  3. 'आप' किस पुरुष का बोध कराता है?
    • (क) उत्तम पुरुष
    • (ख) मध्यम पुरुष
    • (ग) अन्य पुरुष
    • (घ) इनमें से कोई नहीं
  4. 'वे खेल रहे हैं।' इस वाक्य में 'वे' किस पुरुष का सर्वनाम है?
    • (क) उत्तम पुरुष
    • (ख) मध्यम पुरुष
    • (ग) अन्य पुरुष
    • (घ) इनमें से कोई नहीं
  5. पुरुष का निर्धारण मुख्यतः किसके आधार पर किया जाता है?
    • (क) लिंग
    • (ख) वचन
    • (ग) क्रिया का संबंध
    • (घ) कारक

उत्तर : 1-(ख), 2-(क), 3-(ख), 4-(ग), 5-(ग)

लघु उत्तरीय प्रश्न

  1. पुरुष किसे कहते हैं?
  2. पुरुष के कितने भेद हैं? उनके नाम लिखिए।
  3. उत्तम पुरुष का उदाहरण दीजिए।
  4. मध्यम पुरुष एवं अन्य पुरुष में अंतर स्पष्ट कीजिए।
  5. पुरुष की पहचान किस प्रकार की जाती है?

निष्कर्ष

पुरुष हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण तत्त्व है, जिसके माध्यम से बोलने वाले, सुनने वाले अथवा जिसके विषय में कहा जा रहा हो, उसका बोध होता है। शुद्ध भाषा-प्रयोग, वाक्य-रचना तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से पुरुष का समुचित ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। अतः विद्यार्थियों को पुरुष के भेदों, उनके प्रमुख सर्वनामों तथा वाक्यों में उनकी पहचान का नियमित अभ्यास करना चाहिए।


संबंधित लेख

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

चार वेद, छ: शास्त्र, अठारह पुराण | 4 Ved 6 Shastra 18 Puranas

चार वेद 4 ved में ही सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का गूढ़ ज्ञान समेटे हुए सनातन धर्म Sanatan dharma विश्व का प्राचीनतम धर्म है ।  इसकी समस्त मान्यताएँ और परम्पराएँ पूर्णतः वैज्ञानिक हैं ।  वस्तुतः यह एक जीवन शैली है जो मनोवैज्ञानिक होने के साथ-साथ व्यावहारिक भी है। जैन धर्म हो या सिख धर्म या फिर बौद्ध धर्म सब इसी सत्य सनातन धर्म रूपी वट-वृक्ष की ही शाखाएँ-प्रशाखाएँ हैं।  इस पर आधारित अग्रोल्लिखित साहित्य समुच्चय (चार वेद, छह शास्त्र, अट्ठारह पुराण आदिक) विश्व भर में अद्वितीय है। चार वेद -  यह तो सर्वविदित है कि  "वेद कितने हैं "। वेदों की संख्या चार हैै जिसे वेद-चतुष्टयी कहा जाता है। चार वेदों 4 ved के नाम क्रमानुसार निम्नलिखित हैं : ऋग्वेद यजुर्वेद सामवेद अथर्ववेद ऋग्वेद को विश्व का प्राचीनतम साहित्य होने का गौरव प्राप्त है । उपवेद - चारों वेदों के क्रमशः चार उपवेद हैं, जो निम्नवत् हैं :  स्थापत्य या शिल्पवेद धनुर्वेद गंधर्ववेद आयुर्वेद उपनिषद् ईश उपनिषद केन उपनिषद कठ उपनिषद अथवा कठोपनिषद प्रश्न उपनिषद मुण्डक उपनिष...

हिंदी विषय में करियर कैसे बनाएं? 15+ बेहतरीन करियर विकल्प और भविष्य

हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की सबसे व्यापक रूप से बोली और समझी जाने वाली भाषाओं में से एक है। वर्तमान समय में शिक्षा, पत्रकारिता, साहित्य, अनुवाद, डिजिटल मीडिया, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और ऑनलाइन शिक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में हिंदी विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। यदि आपके मन में यह प्रश्न है कि हिंदी विषय में करियर कैसे बनाएं या हिंदी से कौन-कौन से रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा। यहाँ हिंदी से जुड़े प्रमुख करियर विकल्प, आवश्यक योग्यता, संभावित कार्यक्षेत्र तथा भविष्य की संभावनाओं के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी गई है। इस लेख में आप जानेंगे: हिंदी विषय में करियर की संभावनाएँ सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार डिजिटल युग में हिंदी के नए अवसर उच्च शिक्षा के बाद करियर विकल्प हिंदी से संबंधित सामान्य प्रश्नों के उत्तर विषय-सूची शिक्षक एवं प्राध्यापक पत्रकारिता एवं मीडिया अनुवादक (Translator) कंटेंट राइटर एवं कॉपीराइटर SEO कंटेंट विशेषज्ञ YouTube Script Writer AI Prompt Writer हिंदी Voi...

देवनागरी लिपि - उत्पत्ति, नामकरण व विशेषताएँ | Devanagari Lipi

देवनागरी लिपि Devanagari Lipi in Hindi वर्तमान समय में प्रचलित समस्त लिपियों में सर्वाधिक व्यवस्थित, समर्थ एवं वैज्ञानिक लिपि है। हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी है। हिंदी के अतिरिक्त अनेक भारतीय भाषाएँ जैसे संस्कृत, मराठी,  मैथिली, कोंकणी एवं कतिपय विदेशी भाषाएँ भी देवनागरी में लिखी जाती हैं। उदाहरणार्थ नेपाली भाषा देवनागरी लिपि में ही लिखी जाती है। यह लिपि भारत की अनेक लिपियों के सन्निकट है। हम इस आलेख के अंतर्गत देवनागरी लिपि Devnagri lipi की उत्पत्ति, इसका नामकरण, विशेषताएँ तथा देवनागरी लिपि की वैज्ञानिकता, गुण-दोष आदिक तथ्यों के विषय में जानेंगे। देवनागरी लिपि की उत्पत्ति संसार की सभी भाषाओं को लिखने के लिए किसी न किसी लिपि का प्रयोग किया जाता है। उसी प्रकार देवनागरी भी एक लिपि है जिसका प्रयोग मूलतः हिंदी भाषा को लिखने के लिए किया जाता है। देवनागरी लिपि की उत्पत्ति मूलतः ब्राह्मी लिपि से हुई है। प्राचीन समय में आर्यों के द्वारा प्रयुक्त की गई ब्राह्मी लिपि, संभवतः दुनिया की सर्वाधिक परिपूर्ण प्राचीन लिपि है। समस्त भारतीय लिपियों का जन्म (उर्दू और सि...