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क्रिया किसे कहते हैं? परिभाषा, भेद, प्रकार और उदाहरण

हिंदी व्याकरण में क्रिया एक अत्यंत महत्वपूर्ण शब्द-भेद है। जिस शब्द से किसी कार्य के करने, होने, घटित होने अथवा किसी अवस्था का बोध होता है, उसे क्रिया कहते हैं। किसी भी वाक्य को पूर्ण बनाने में क्रिया की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

विद्यालयी शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विभिन्न सरकारी परीक्षाओं में क्रिया किसे कहते हैं, उसके भेद, पहचान और उदाहरणों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी के लिए क्रिया का सही ज्ञान आवश्यक है।

क्रिया किसे कहते हैं? परिभाषा, प्रकार और उदाहरण

विषय-सूची

  1. क्रिया की परिभाषा
  2. क्रिया की पहचान कैसे करें?
  3. सकर्मक क्रिया
  4. अकर्मक क्रिया
  5. क्रिया के प्रकार (वर्गीकरण)
  6. मुख्य क्रिया
  7. सहायक क्रिया
  8. संयुक्त क्रिया
  9. प्रेरणार्थक क्रिया
  10. पूर्वकालिक क्रिया
  11. नामधातु क्रिया
  12. क्रिया के उदाहरण
  13. अभ्यास प्रश्न
  14. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्रिया की परिभाषा

जिस शब्द से किसी कार्य के करने, होने, घटित होने अथवा किसी अवस्था का बोध हो, उसे क्रिया कहते हैं।

उदाहरण:

  • राम पढ़ता है।
  • सीता गाती है।
  • बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।
  • पक्षी आकाश में उड़ रहे हैं।

क्रिया की पहचान कैसे करें?

किसी भी वाक्य में जो शब्द कार्य, घटना या अवस्था का बोध कराए, वही क्रिया कहलाती है। यदि उस शब्द को हटाने पर वाक्य का अर्थ अधूरा हो जाए, तो वह शब्द क्रिया है।

उदाहरण: मोहन दौड़ता है। यहाँ दौड़ता है क्रिया है।

क्रिया के प्रकार (वर्गीकरण)

हिंदी व्याकरण में क्रिया का वर्गीकरण विभिन्न आधारों पर किया जाता है। इससे क्रिया के स्वरूप, अर्थ तथा प्रयोग को समझना सरल हो जाता है। क्रिया के प्रकार निम्नलिखित हैं।

1. कर्म के आधार पर

कर्म के आधार पर क्रिया दो प्रकार की होती है—

  • सकर्मक क्रिया
  • अकर्मक क्रिया

सकर्मक क्रिया

जिस क्रिया का प्रभाव किसी कर्म (Object) पर पड़ता है तथा जिसका अर्थ कर्म के बिना पूरा नहीं होता, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं।

उदाहरण:

  • मोहन पुस्तक पढ़ता है
  • रीना फल खाती है
  • शिक्षक पाठ पढ़ाते हैं

समझिए: इन वाक्यों में पुस्तक, फल और पाठ कर्म हैं। क्रिया का प्रभाव इन पर पड़ रहा है, इसलिए ये सकर्मक क्रिया के उदाहरण हैं।

अकर्मक क्रिया

जिस क्रिया का प्रभाव किसी कर्म पर नहीं पड़ता तथा जिसका अर्थ बिना कर्म के भी पूरा हो जाता है, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं।

उदाहरण:

  • बच्चा सो रहा है
  • पक्षी उड़ रहे हैं
  • लड़का हँस रहा है

समझिए: इन वाक्यों में किसी कर्म की आवश्यकता नहीं है। केवल क्रिया से ही वाक्य का अर्थ स्पष्ट हो जाता है।

2. रचना के आधार पर

रचना के आधार पर क्रिया मुख्यतः तीन प्रकार की होती है—

  • मुख्य क्रिया
  • सहायक क्रिया
  • संयुक्त क्रिया

मुख्य क्रिया

जो क्रिया वाक्य में मुख्य कार्य या अवस्था का बोध कराती है, उसे मुख्य क्रिया कहते हैं।

उदाहरण:

  • राम पढ़ता है।
  • बच्चे खेलते हैं।
  • गाय घास चरती है।

समझिए: रेखांकित शब्द मुख्य कार्य का बोध करा रहे हैं, इसलिए ये मुख्य क्रियाएँ हैं।

सहायक क्रिया

जो क्रिया मुख्य क्रिया के अर्थ को पूर्ण करने में सहायता करती है, उसे सहायक क्रिया कहते हैं।

उदाहरण:

  • राम पढ़ रहा है
  • सीता खाना बना रही है
  • बच्चे खेल रहे हैं

समझिए: यहाँ रहा है, रही है और रहे हैं मुख्य क्रिया के अर्थ को पूर्ण कर रहे हैं।

संयुक्त क्रिया

जब दो या दो से अधिक क्रियाएँ मिलकर एक विशेष अर्थ प्रकट करती हैं, तो उसे संयुक्त क्रिया कहते हैं।

उदाहरण:

  • मोहन बैठ गया
  • बच्चा रो पड़ा
  • वह चल दिया

समझिए: यहाँ दो क्रियाएँ मिलकर एक ही भाव व्यक्त कर रही हैं, इसलिए इन्हें संयुक्त क्रिया कहते हैं।

3. प्रयोग के आधार पर

प्रयोग के आधार पर क्रिया के प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं—

  • प्रेरणार्थक क्रिया
  • पूर्वकालिक क्रिया
  • नामधातु क्रिया

प्रेरणार्थक क्रिया

जिस क्रिया से यह ज्ञात हो कि कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी अन्य से कार्य कराता है, उसे प्रेरणार्थक क्रिया कहते हैं।

उदाहरण:

  • माँ ने बच्चे से पत्र लिखवाया
  • शिक्षक ने विद्यार्थियों से प्रश्न हल करवाए
  • पिताजी ने माली से पेड़ लगवाए

समझिए: इन वाक्यों में कार्य किसी दूसरे से कराया जा रहा है।

पूर्वकालिक क्रिया

जो क्रिया मुख्य क्रिया से पहले पूरी हो जाती है, उसे पूर्वकालिक क्रिया कहते हैं।

उदाहरण:

  • वह नहाकर विद्यालय गया।
  • राम खाना खाकर सो गया।
  • बच्चे होमवर्क करके खेलने चले गए।

समझिए: इन वाक्यों में पहले रेखांकित कार्य पूरा हुआ, उसके बाद दूसरा कार्य हुआ।

नामधातु क्रिया

जो क्रिया संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से निर्मित होती है, उसे नामधातु क्रिया कहते हैं।

उदाहरण:

  • उसने मेरी बात स्वीकार की
  • सैनिकों ने साहस दिखाया
  • राजा ने अपराधी को दंड दिया

समझिए: इन उदाहरणों में क्रिया का संबंध संज्ञा या भाववाचक शब्दों से बने अर्थ से है।

ध्यान दें: विद्यालयी तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सकर्मक, अकर्मक, मुख्य, सहायक तथा संयुक्त क्रिया से संबंधित प्रश्न सबसे अधिक पूछे जाते हैं। इसलिए इनकी परिभाषा और उदाहरण अच्छी तरह समझ लें।

क्रिया के उदाहरण

वाक्य क्रिया
राम विद्यालय जाता है। जाता है
सीमा गीत गाती है। गाती है
बच्चे खेल रहे हैं। खेल रहे हैं
माता भोजन बना रही हैं। बना रही हैं

अभ्यास प्रश्न

  1. क्रिया किसे कहते हैं?
  2. सकर्मक और अकर्मक क्रिया में क्या अंतर है?
  3. सहायक क्रिया किसे कहते हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
  4. संयुक्त क्रिया की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
  5. प्रेरणार्थक क्रिया किसे कहते हैं?
  6. पूर्वकालिक क्रिया का एक उदाहरण लिखिए।
  7. नामधातु क्रिया किसे कहते हैं?
  8. निम्नलिखित वाक्यों में क्रिया पहचानिए:
    • राम विद्यालय जाता है।
    • बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।
    • सीमा भोजन बना रही है।
    • पक्षी आकाश में उड़ रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्रिया किसे कहते हैं?

जिस शब्द से किसी कार्य के करने, होने, घटित होने अथवा किसी अवस्था का बोध होता है, उसे क्रिया कहते हैं।

2. क्रिया कितने प्रकार की होती है?

हिंदी व्याकरण में क्रिया के कई प्रकार बताए गए हैं। प्रमुख प्रकार हैं—सकर्मक, अकर्मक, मुख्य, सहायक, संयुक्त, प्रेरणार्थक, पूर्वकालिक तथा नामधातु क्रिया।

3. सकर्मक क्रिया किसे कहते हैं?

जिस क्रिया का प्रभाव किसी कर्म पर पड़ता है और जिसका अर्थ कर्म के बिना पूरा नहीं होता, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं।

4. अकर्मक क्रिया किसे कहते हैं?

जिस क्रिया का प्रभाव किसी कर्म पर नहीं पड़ता और जिसका अर्थ बिना कर्म के भी स्पष्ट हो जाता है, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं।

5. प्रतियोगी परीक्षाओं में क्रिया से कौन-से प्रश्न पूछे जाते हैं?

अधिकांश परीक्षाओं में क्रिया की परिभाषा, भेद, सकर्मक-अकर्मक क्रिया, सहायक क्रिया तथा उदाहरणों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।


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