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अव्यय किसे कहते हैं? परिभाषा, भेद, उदाहरण एवं संपूर्ण जानकारी

हिंदी व्याकरण में अव्यय ऐसे शब्द होते हैं जिनके रूप में लिंग, वचन, पुरुष, कारक अथवा काल के अनुसार कोई परिवर्तन नहीं होता। दूसरे शब्दों में, जो शब्द हर स्थिति में अपना मूल रूप बनाए रखते हैं, उन्हें अव्यय या अविकारी शब्द कहा जाता है।

विद्यालयी परीक्षाओं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, UPPSC, UPTET, CTET, SSC, Railway, बैंक आदि) में अव्यय से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इसलिए इसकी परिभाषा, पहचान, भेद तथा उदाहरणों का स्पष्ट ज्ञान होना आवश्यक है।

अव्यय की व्युत्पत्ति

अव्यय शब्द की व्युत्पत्ति 'अ + व्यय' से हुई है। यहाँ 'अ' का अर्थ है— नहीं तथा 'व्यय' का अर्थ है— परिवर्तन। अर्थात् जिस शब्द में किसी भी प्रकार का रूप-परिवर्तन न हो, वह अव्यय कहलाता है। इसी कारण अव्यय को अविकारी शब्द भी कहा जाता है।

अव्यय किसे कहते हैं? अव्यय की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण | हिंदी व्याकरण

अव्यय किसे कहते हैं?

जो शब्द लिंग, वचन, पुरुष, कारक अथवा काल के अनुसार अपना रूप नहीं बदलते, उन्हें अव्यय कहते हैं।

अव्यय शब्द हर परिस्थिति में एक ही रूप में प्रयुक्त होते हैं। इसलिए इन्हें अविकारी शब्द भी कहा जाता है।

उदाहरण:

  • राम आज विद्यालय गया।
  • सीता भी वहाँ पहुँची।
  • मोहन धीरे-धीरे चलता है।
  • वह घर के पास रहता है।
याद रखें:

अव्यय = अ + व्यय
अर्थात् जिस शब्द में कोई परिवर्तन (व्यय) न हो, वह अव्यय कहलाता है।

अव्यय की पहचान

अव्यय की पहचान करना सरल है। यदि कोई शब्द वाक्य में प्रयोग होने पर लिंग, वचन, पुरुष, कारक या काल के अनुसार अपना रूप नहीं बदलता, तो वह अव्यय होता है।

उदाहरण:

  • वह आज आया।
  • वे आज आए।
  • सीता आज आई।

ऊपर दिए गए तीनों वाक्यों में आज शब्द का रूप नहीं बदला है, इसलिए यह अव्यय है।

अव्यय के भेद

हिंदी व्याकरण में अव्यय के पाँच प्रमुख भेद माने जाते हैं। प्रत्येक भेद का कार्य अलग-अलग होता है।

  1. क्रियाविशेषण
  2. संबंधबोधक
  3. समुच्चयबोधक
  4. विस्मयादिबोधक
  5. निपात

1. क्रियाविशेषण

जो अव्यय क्रिया की विशेषता बताता है, उसे क्रियाविशेषण कहते हैं।

क्रियाविशेषण यह बताता है कि कार्य कैसे, कब, कहाँ या कितनी मात्रा में हुआ है।

उदाहरण:

  • राम धीरे-धीरे चलता है।
  • वह आज विद्यालय जाएगा।
  • बच्चे बाहर खेल रहे हैं।
  • वह बहुत तेज दौड़ता है।

समझिए: इन वाक्यों में रेखांकित शब्द क्रिया की विशेषता बता रहे हैं, इसलिए ये क्रियाविशेषण हैं।

क्रियाविशेषण के भेद

भेद क्या बताता है? उदाहरण
कालवाचक कार्य के समय का बोध आज, कल, अभी, सदैव
स्थानवाचक कार्य के स्थान का बोध यहाँ, वहाँ, बाहर, ऊपर
रीतिवाचक कार्य करने की रीति का बोध धीरे, शीघ्र, सावधानी से
परिमाणवाचक कार्य की मात्रा या सीमा बहुत, कम, अधिक, अत्यधिक

2. संबंधबोधक

जो अव्यय वाक्य में दो शब्दों के बीच संबंध प्रकट करता है, उसे संबंधबोधक अव्यय कहते हैं।

उदाहरण:

  • विद्यालय के पास पुस्तकालय है।
  • वह नदी के किनारे बैठा है।
  • राम घर से बाजार गया।
  • पुस्तक मेज़ पर रखी है।

समझिए: यहाँ रेखांकित शब्द दो शब्दों के बीच संबंध स्थापित कर रहे हैं, इसलिए ये संबंधबोधक अव्यय हैं।

3. समुच्चयबोधक

जो अव्यय दो शब्दों, पदों या वाक्यों को जोड़ता है, उसे समुच्चयबोधक अव्यय कहते हैं।

उदाहरण:

  • राम और श्याम मित्र हैं।
  • वह पढ़ता है लेकिन लिखता नहीं।
  • तुम मेहनत करो ताकि सफलता मिले।

समझिए: इन वाक्यों में रेखांकित शब्द दो शब्दों या वाक्यों को जोड़ रहे हैं।

समुच्चयबोधक के भेद

समुच्चयबोधक मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं—

  1. समन्वयी समुच्चयबोधक – जो समान पदों या वाक्यों को जोड़ते हैं।
    • जैसे— और, तथा, एवं, लेकिन, अथवा
  2. आश्रित समुच्चयबोधक – जो एक उपवाक्य को दूसरे पर आश्रित करते हैं।
    • जैसे— क्योंकि, ताकि, यदि, यद्यपि, जिससे

4. विस्मयादिबोधक

जो अव्यय हर्ष, शोक, आश्चर्य, दुःख, घृणा, भय, प्रशंसा आदि मनोभावों को प्रकट करता है, उसे विस्मयादिबोधक अव्यय कहते हैं।

ऐसे शब्दों के बाद प्रायः विस्मयादिबोधक चिह्न (!) का प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण:

  • वाह! तुमने बहुत अच्छा कार्य किया।
  • अरे! तुम यहाँ कब आए?
  • हाय! उसका बहुत नुकसान हो गया।
  • छिः! ऐसी गंदी आदत नहीं होनी चाहिए।
  • शाबाश! तुमने प्रतियोगिता जीत ली।

इन वाक्यों में रेखांकित शब्द विभिन्न मनोभावों को व्यक्त कर रहे हैं, इसलिए ये विस्मयादिबोधक अव्यय हैं।

5. निपात

जो अव्यय किसी शब्द या वाक्य के अर्थ पर विशेष बल देता है अथवा उसके अर्थ में सूक्ष्म परिवर्तन करता है, उसे निपात कहते हैं।

प्रमुख निपात हैं— ही, भी, तो, तक, मात्र, केवल, भर आदि।

उदाहरण:

  • राम ही प्रथम आया।
  • मोहन भी विद्यालय गया।
  • मैं तो पहले ही तैयार था।
  • वह शाम तक लौट आएगा।
  • यह केवल अभ्यास है।

समझिए: यहाँ रेखांकित शब्द किसी विशेष शब्द पर बल दे रहे हैं, इसलिए ये निपात हैं।

अव्यय के उदाहरण

वाक्य अव्यय भेद
राम धीरे-धीरे चलता है। धीरे-धीरे क्रियाविशेषण
विद्यालय के पास मैदान है। के पास संबंधबोधक
राम और श्याम मित्र हैं। और समुच्चयबोधक
वाह! तुमने अच्छा कार्य किया। वाह विस्मयादिबोधक
राम ही विजेता बना। ही निपात

अव्यय की विशेषताएँ

  • अव्यय शब्दों के रूप में कोई परिवर्तन नहीं होता।
  • इन पर लिंग, वचन, पुरुष, कारक अथवा काल का प्रभाव नहीं पड़ता।
  • ये वाक्य के अर्थ को स्पष्ट, प्रभावशाली और पूर्ण बनाते हैं।
  • अव्यय शब्द स्वयं अविकारी होते हैं, इसलिए इन्हें अविकारी शब्द भी कहा जाता है।

अव्यय और विकारी शब्दों में अंतर

अव्यय विकारी शब्द
रूप नहीं बदलता। रूप बदलता है।
लिंग, वचन, पुरुष, कारक एवं काल का प्रभाव नहीं पड़ता। लिंग, वचन, पुरुष, कारक अथवा काल के अनुसार परिवर्तन होता है।
उदाहरण: आज, भी, ही, और उदाहरण: लड़का, अच्छा, पढ़ता

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

  • अव्यय को अविकारी शब्द भी कहा जाता है।
  • अव्यय शब्दों में लिंग, वचन, पुरुष, कारक तथा काल के अनुसार कोई परिवर्तन नहीं होता।
  • हिंदी व्याकरण में अव्यय के पाँच प्रमुख भेद माने जाते हैं— क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक तथा निपात।
  • ही, भी, तो, तक, मात्र, केवल आदि प्रमुख निपात हैं।
  • और, तथा, लेकिन, अथवा, क्योंकि, इसलिए आदि समुच्चयबोधक अव्यय हैं।

अभ्यास प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)

  1. निम्नलिखित में से कौन-सा अव्यय है?
    • (क) लड़का
    • (ख) सुंदर
    • (ग) आज
    • (घ) पुस्तक
  2. 'राम और श्याम मित्र हैं।' इस वाक्य में 'और' कौन-सा अव्यय है?
    • (क) निपात
    • (ख) समुच्चयबोधक
    • (ग) संबंधबोधक
    • (घ) क्रियाविशेषण
  3. 'राम धीरे-धीरे चलता है।' यहाँ 'धीरे-धीरे' क्या है?
    • (क) संबंधबोधक
    • (ख) निपात
    • (ग) क्रियाविशेषण
    • (घ) विस्मयादिबोधक
  4. 'वाह! तुमने बहुत अच्छा कार्य किया।' यहाँ 'वाह' कौन-सा अव्यय है?
    • (क) निपात
    • (ख) संबंधबोधक
    • (ग) समुच्चयबोधक
    • (घ) विस्मयादिबोधक
  5. अव्यय शब्दों की मुख्य विशेषता क्या है?
    • (क) लिंग बदलता है
    • (ख) वचन बदलता है
    • (ग) रूप नहीं बदलता
    • (घ) काल बदलता है

उत्तर: 1-(ग), 2-(ख), 3-(ग), 4-(घ), 5-(ग)

लघु उत्तरीय प्रश्न

  1. अव्यय किसे कहते हैं?
  2. अव्यय को अविकारी शब्द क्यों कहा जाता है?
  3. अव्यय के पाँच भेदों के नाम लिखिए।
  4. क्रियाविशेषण और संबंधबोधक में अंतर स्पष्ट कीजिए।
  5. निपात किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
  6. समुच्चयबोधक अव्यय किसे कहते हैं?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. अव्यय किसे कहते हैं?

जो शब्द लिंग, वचन, पुरुष, कारक अथवा काल के अनुसार अपना रूप नहीं बदलते, उन्हें अव्यय कहते हैं।

2. अव्यय को अविकारी शब्द क्यों कहा जाता है?

क्योंकि अव्यय शब्दों के रूप में कोई परिवर्तन नहीं होता, ये हर स्थिति में अपना मूल रूप बनाए रखते हैं।

3. अव्यय के कितने भेद होते हैं?

हिंदी व्याकरण में अव्यय के पाँच प्रमुख भेद माने जाते हैं— क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक तथा निपात।

4. क्रियाविशेषण किसे कहते हैं?

जो अव्यय क्रिया की विशेषता बताता है, उसे क्रियाविशेषण कहते हैं।

5. निपात किसे कहते हैं?

जो अव्यय किसी शब्द या वाक्य के अर्थ पर विशेष बल देता है, उसे निपात कहते हैं; जैसे— ही, भी, तो, तक।

6. समुच्चयबोधक के कितने भेद होते हैं?

समुच्चयबोधक मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं— समन्वयी समुच्चयबोधक और आश्रित समुच्चयबोधक।


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