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वचन किसे कहते हैं? परिभाषा, भेद, उदाहरण, पहचान एवं अभ्यास प्रश्न

वचन हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक तत्व है। इसके माध्यम से किसी संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण अथवा क्रिया से व्यक्त व्यक्ति, वस्तु, स्थान अथवा भाव की संख्या का बोध होता है। यदि किसी शब्द से एक का बोध हो तो वह एकवचन कहलाता है और यदि एक से अधिक का बोध हो तो वह बहुवचन कहलाता है। वचन का सही ज्ञान भाषा के शुद्ध प्रयोग, वाक्य-रचना तथा अर्थ की स्पष्टता के लिए आवश्यक है।

उदाहरण के लिए "बालक खेल रहा है।" वाक्य में "बालक" से एक व्यक्ति का बोध होता है, इसलिए यह एकवचन है। वहीं "बालक खेल रहे हैं।" में "बालक" से एक से अधिक व्यक्तियों का बोध होता है, इसलिए यह बहुवचन है।


वचन की परिभाषा

जिस व्याकरणिक रूप से किसी संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण अथवा क्रिया के एक या एक से अधिक होने का बोध हो, उसे वचन कहते हैं।

दूसरे शब्दों में, वचन वह व्याकरणिक रूप है जो संख्या का बोध कराता है। हिंदी भाषा में वचन के आधार पर शब्दों तथा उनसे संबंधित विशेषण और क्रिया के रूपों में भी आवश्यक परिवर्तन हो सकता है।


संस्कृत व्याकरण में वचन

संस्कृत व्याकरण में तीन वचन माने गए हैं—एकवचन, द्विवचन तथा बहुवचन। परंतु आधुनिक मानक हिंदी में केवल दो वचन प्रचलित हैं—एकवचन और बहुवचन। हिंदी ने व्यवहार की सरलता के कारण द्विवचन को स्वीकार नहीं किया है।

ध्यान दें

संस्कृत में तीन वचन तथा हिंदी में दो वचन माने जाते हैं। इसलिए दोनों भाषाओं के इस अंतर को अवश्य याद रखें।

वचन के भेद

हिंदी व्याकरण में वचन के निम्नलिखित दो भेद माने जाते हैं—

अब इन दोनों भेदों का क्रमशः विस्तार से अध्ययन करते हैं।


एकवचन

जिस शब्द से किसी एक व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी अथवा भाव का बोध हो, उसे एकवचन कहते हैं।

एकवचन की परिभाषा

जिस शब्द से केवल एक व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी अथवा भाव का बोध हो, उसे एकवचन कहते हैं।

उदाहरण

  • बालक विद्यालय जाता है।
  • लड़की पुस्तक पढ़ रही है।
  • गाय खेत में चर रही है।
  • पेड़ हरा-भरा है।
  • नदी शांत बह रही है।
एकवचन की पहचान

यदि किसी शब्द से केवल एक व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी अथवा भाव का बोध हो, तो वह एकवचन होता है।

बहुवचन

जिस शब्द से एक से अधिक व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी अथवा भाव का बोध हो, उसे बहुवचन कहते हैं।

बहुवचन की परिभाषा

जिस शब्द से एक से अधिक व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी अथवा भाव का बोध हो, उसे बहुवचन कहते हैं।

उदाहरण

  • बालक विद्यालय जा रहे हैं।
  • लड़कियाँ पुस्तकें पढ़ रही हैं।
  • गायें खेत में चर रही हैं।
  • पेड़ हरे-भरे हैं।
  • नदियाँ वर्षा ऋतु में उफान पर होती हैं।
बहुवचन की पहचान

यदि किसी शब्द से एक से अधिक व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी अथवा भाव का बोध हो, तो वह बहुवचन कहलाता है।

एकवचन एवं बहुवचन में अंतर

आधार एकवचन बहुवचन
संख्या एक का बोध एक से अधिक का बोध
उदाहरण बालक, पुस्तक, गाय बालक, पुस्तकें, गायें
क्रिया है, जाता है हैं, जाते हैं

वचन परिवर्तन के प्रमुख नियम

वचन परिवर्तन का अर्थ है किसी एकवचन शब्द को बहुवचन अथवा बहुवचन शब्द को एकवचन में बदलना। हिंदी में सभी शब्दों का बहुवचन एक ही नियम से नहीं बनता, बल्कि शब्द के रूप और लिंग के अनुसार उसमें परिवर्तन होता है।

ध्यान दें

हिंदी में बहुवचन बनाते समय केवल संज्ञा का ही नहीं, आवश्यकता पड़ने पर उससे संबंधित विशेषण और क्रिया के रूप में भी परिवर्तन हो सकता है।

वचन परिवर्तन के उदाहरण

एकवचन बहुवचन
लड़का लड़के
लड़की लड़कियाँ
पुस्तक पुस्तकें
नदी नदियाँ
गाय गायें
बहू बहुएँ
वस्तु वस्तुएँ
माता माताएँ

ऐसे शब्द जिनका वचन परिवर्तन नहीं होता

हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी हैं जिनका रूप एकवचन और बहुवचन दोनों में समान रहता है। ऐसे शब्दों का वचन वाक्य के अर्थ तथा क्रिया के आधार पर समझा जाता है।

उदाहरण
  • एक हिरण जंगल में दौड़ रहा है।
  • कई हिरण जंगल में दौड़ रहे हैं।
  • एक शिक्षक आए। (सम्मानसूचक प्रयोग)
  • शिक्षक समय पर आए।

अतः वचन का निर्धारण केवल शब्द के रूप से नहीं, बल्कि वाक्य के अर्थ और क्रिया के रूप को देखकर भी किया जाता है।


वचन से संबंधित महत्वपूर्ण बातें

  • हिंदी व्याकरण में दो वचन माने जाते हैं—एकवचन और बहुवचन
  • संस्कृत व्याकरण में तीन वचन—एकवचन, द्विवचन तथा बहुवचन—स्वीकार किए गए हैं।
  • वचन का संबंध किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी अथवा भाव की संख्या से होता है।
  • वचन बदलने पर आवश्यकता अनुसार विशेषण तथा क्रिया के रूप में भी परिवर्तन हो सकता है।
  • कुछ शब्दों का रूप एकवचन और बहुवचन दोनों में समान रहता है। ऐसे शब्दों का वचन वाक्य के अर्थ तथा क्रिया से निर्धारित किया जाता है।
  • सम्मानसूचक प्रयोग में एक व्यक्ति के लिए भी बहुवचन क्रिया का प्रयोग किया जाता है। जैसे—प्रधानाचार्य जी आ गए हैं।

वचन और लिंग में अंतर

आधार वचन लिंग
अर्थ संख्या का बोध कराता है। जाति (पुल्लिंग/स्त्रीलिंग) का बोध कराता है।
भेद दो — एकवचन, बहुवचन दो — पुल्लिंग, स्त्रीलिंग
उदाहरण बालक → बालक, लड़की → लड़कियाँ बालक–बालिका, राजा–रानी
ध्यान रखें

वचन संख्या का बोध कराता है, जबकि लिंग शब्द की जाति का बोध कराता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में दोनों के बीच अंतर से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

  • हिंदी में वचन के केवल दो भेद होते हैं।
  • संस्कृत में तीन वचन माने जाते हैं।
  • वचन परिवर्तन में संज्ञा के साथ विशेषण और क्रिया भी बदल सकते हैं।
  • सम्मानसूचक प्रयोग में एक व्यक्ति के लिए भी बहुवचन क्रिया का प्रयोग किया जाता है।
  • कुछ शब्दों का रूप एकवचन और बहुवचन दोनों में समान रहता है।

अभ्यास प्रश्न

  1. हिंदी व्याकरण में वचन के कितने भेद माने जाते हैं?
  2. वचन किसे कहते हैं?
  3. एकवचन और बहुवचन में क्या अंतर है?
  4. संस्कृत और हिंदी के वचनों में क्या अंतर है?
  5. निम्नलिखित शब्दों का बहुवचन लिखिए— बालक, लड़की, पुस्तक, नदी, माता।
  6. निम्नलिखित शब्दों का एकवचन लिखिए— बालक, लड़कियाँ, पुस्तकें, नदियाँ, माताएँ।
  7. निम्नलिखित वाक्यों में वचन पहचानिए—
    • बालक मैदान में खेल रहा है।
    • बालक मैदान में खेल रहे हैं।
    • लड़कियाँ विद्यालय जा रही हैं।
    • गाय खेत में चर रही है।
  8. निम्नलिखित वाक्यों का वचन परिवर्तन कीजिए—
    • लड़का पुस्तक पढ़ रहा है।
    • बालिका विद्यालय जा रही है।
    • पेड़ हरा है।
  9. सम्मानसूचक बहुवचन से आपका क्या अभिप्राय है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
  10. ऐसे शब्दों के दो उदाहरण लिखिए जिनका रूप एकवचन और बहुवचन दोनों में समान रहता है।

वचन हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण विषय है, जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी अथवा भाव की संख्या का बोध होता है। वचन के भेद, वचन परिवर्तन के नियम तथा उनके सही प्रयोग का ज्ञान भाषा को शुद्ध, प्रभावशाली एवं व्याकरण-सम्मत बनाता है। इसलिए इस विषय का नियमित अध्ययन और अभ्यास आवश्यक है।


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