परिचय
हिंदी व्याकरण में वचन एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक तत्त्व है। इसके माध्यम से यह ज्ञात होता है कि किसी संज्ञा, सर्वनाम अथवा अन्य विकारी शब्द से एक व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी या भाव का बोध हो रहा है अथवा एक से अधिक का। शुद्ध भाषा-प्रयोग तथा वाक्य-रचना के लिए वचन का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि वाक्य में प्रयुक्त संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण तथा क्रिया का रूप अनेक बार वचन के अनुसार परिवर्तित हो जाता है।
विद्यालयी शिक्षा तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, UPPSC, SSC, Railway, CTET, UPTET, TGT, PGT आदि) में वचन से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। अतः इसकी परिभाषा, भेद, नियम तथा शुद्ध प्रयोग का समुचित ज्ञान प्रत्येक विद्यार्थी के लिए आवश्यक है।
विषय-सूची
- वचन किसे कहते हैं?
- वचन के भेद
- एकवचन
- बहुवचन
- एकवचन से बहुवचन बनाने के प्रमुख नियम
- महत्वपूर्ण एकवचन–बहुवचन शब्द
- महत्वपूर्ण नोट
- परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- अभ्यास प्रश्न
- यह भी पढ़ें
वचन किसे कहते हैं?
संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण अथवा क्रिया के जिस रूप से किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी अथवा भाव की संख्या का बोध हो, उसे वचन कहते हैं।
सरल शब्दों में, किसी शब्द से यदि एक का बोध हो तो वह एकवचन कहलाता है और यदि एक से अधिक का बोध हो तो वह बहुवचन कहलाता है।
उदाहरण:
- बालक खेल रहा है।
- बालक खेल रहे हैं।
- पुस्तक मेज़ पर रखी है।
- पुस्तकें मेज़ पर रखी हैं।
एकवचन और बहुवचन का संबंध केवल संज्ञा से ही नहीं, बल्कि वाक्य में प्रयुक्त सर्वनाम, विशेषण तथा क्रिया के रूप से भी होता है। इसलिए शुद्ध एवं प्रभावी भाषा-प्रयोग के लिए वचन का सही ज्ञान आवश्यक है।
परंपरागत हिंदी व्याकरण में वचन का संबंध मुख्यतः संज्ञा से बताया जाता है, किंतु व्यवहार में इसका प्रभाव सर्वनाम, विशेषण तथा क्रिया पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उदाहरणार्थ—यह लड़का अच्छा है तथा ये लड़के अच्छे हैं। यहाँ संज्ञा के साथ विशेषण और क्रिया—दोनों के रूप वचन के अनुसार परिवर्तित हुए हैं।
वचन के भेद
हिंदी व्याकरण में वचन के दो भेद माने जाते हैं—
- एकवचन
- बहुवचन
इन दोनों के आधार पर यह ज्ञात होता है कि किसी शब्द से एक का बोध हो रहा है या एक से अधिक का।
1. एकवचन
जिस शब्द से किसी एक व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी अथवा भाव का बोध हो, उसे एकवचन कहते हैं।
उदाहरण:
- बालक विद्यालय जा रहा है।
- पुस्तक मेज़ पर रखी है।
- गाय घास खा रही है।
- नदी शांत गति से बह रही है।
- पेड़ हरा-भरा है।
2. बहुवचन
जिस शब्द से एक से अधिक व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी अथवा भाव का बोध हो, उसे बहुवचन कहते हैं।
उदाहरण:
- बालक विद्यालय जा रहे हैं।
- पुस्तकें मेज़ पर रखी हैं।
- गायें खेत में चर रही हैं।
- नदियाँ समुद्र की ओर बहती हैं।
- पेड़ हरे-भरे हैं।
| आधार | एकवचन | बहुवचन |
|---|---|---|
| संख्या | एक | एक से अधिक |
| उदाहरण | लड़का | लड़के |
| क्रिया | पढ़ता है | पढ़ते हैं |
| विशेषण | अच्छा | अच्छे |
वचन का परिवर्तन केवल संज्ञा के रूप तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके अनुसार वाक्य में प्रयुक्त सर्वनाम, विशेषण तथा क्रिया के रूपों में भी परिवर्तन होता है। यही कारण है कि शुद्ध वाक्य-रचना के लिए वचन का समुचित ज्ञान आवश्यक माना जाता है।
एकवचन से बहुवचन बनाने के प्रमुख नियम
हिंदी भाषा में एकवचन शब्दों के बहुवचन रूप निश्चित नियमों के अनुसार बनाए जाते हैं। यद्यपि सभी शब्द एक ही नियम का पालन नहीं करते, फिर भी कुछ प्रमुख नियमों की जानकारी शुद्ध भाषा-प्रयोग एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से आवश्यक है।
1. अकारांत पुल्लिंग शब्दों में 'आ' के स्थान पर 'ए' हो जाता है।
| एकवचन | बहुवचन |
|---|---|
| लड़का | लड़के |
| घोड़ा | घोड़े |
| बेटा | बेटे |
2. आकारांत स्त्रीलिंग शब्दों में 'एँ' जोड़ी जाती हैं।
| एकवचन | बहुवचन |
|---|---|
| माता | माताएँ |
| लता | लताएँ |
| कथा | कथाएँ |
3. ईकारांत स्त्रीलिंग शब्दों में 'याँ' जोड़ी जाती हैं।
| एकवचन | बहुवचन |
|---|---|
| लड़की | लड़कियाँ |
| नदी | नदियाँ |
| टोपी | टोपियाँ |
4. कुछ शब्दों के बहुवचन रूप प्रचलित प्रयोग से निर्धारित होते हैं।
कुछ शब्दों के बहुवचन सामान्य नियमों से नहीं बनते, बल्कि उनके प्रचलित एवं मान्य रूप ही स्वीकार किए जाते हैं। ऐसे शब्दों का ज्ञान अभ्यास द्वारा प्राप्त होता है।
हिंदी में बहुवचन-निर्माण के नियम शब्दों के रूप एवं लिंग के अनुसार बदल सकते हैं। अतः केवल नियमों को याद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रमुख शब्दों के प्रचलित बहुवचन रूपों का नियमित अभ्यास भी आवश्यक है।
महत्वपूर्ण एकवचन–बहुवचन शब्द
निम्नलिखित एकवचन एवं बहुवचन शब्द प्रतियोगी परीक्षाओं तथा शुद्ध भाषा-प्रयोग की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
सभी शब्दों का बहुवचन एक ही नियम के अनुसार नहीं बनता। कुछ शब्दों के बहुवचन रूप अपरिवर्तित रहते हैं, जैसे—कवि, गुरु, साधु, ऋषि, पिता तथा भाई। ऐसे शब्दों का शुद्ध प्रयोग अभ्यास एवं मानक भाषा-परंपरा से सीखा जाता है।
हिंदी व्याकरण में वचन के दो भेद—एकवचन और बहुवचन माने जाते हैं, जबकि संस्कृत व्याकरण में तीन वचन—एकवचन, द्विवचन एवं बहुवचन स्वीकार किए गए हैं। अतः हिंदी और संस्कृत के वचन-विभाजन में यह एक महत्वपूर्ण अंतर है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- हिंदी व्याकरण में वचन के दो भेद माने जाते हैं—एकवचन तथा बहुवचन।
- संस्कृत व्याकरण में तीन वचन—एकवचन, द्विवचन तथा बहुवचन—स्वीकार किए गए हैं।
- वचन का प्रभाव केवल संज्ञा पर ही नहीं, बल्कि सर्वनाम, विशेषण तथा क्रिया के रूप पर भी पड़ता है।
- कुछ शब्दों के बहुवचन रूप अपरिवर्तित रहते हैं, जैसे—कवि, गुरु, साधु, ऋषि, पिता तथा भाई।
- प्रतियोगी परीक्षाओं में एकवचन–बहुवचन रूपांतरण तथा शुद्ध भाषा-प्रयोग से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
अभ्यास प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)
- हिंदी व्याकरण में वचन के कितने भेद माने जाते हैं?
- (क) एक
- (ख) दो
- (ग) तीन
- (घ) चार
- निम्नलिखित में से कौन-सा बहुवचन है?
- (क) लड़का
- (ख) पुस्तक
- (ग) लड़कियाँ
- (घ) नदी
- संस्कृत व्याकरण में निम्नलिखित में से कौन-सा वचन अतिरिक्त रूप से माना जाता है?
- (क) बहुवचन
- (ख) एकवचन
- (ग) द्विवचन
- (घ) मिश्रवचन
- 'माता' का बहुवचन क्या होगा?
- (क) माताएँ
- (ख) माताओं
- (ग) माती
- (घ) माते
- निम्नलिखित में से किस शब्द का बहुवचन रूप अपरिवर्तित रहता है?
- (क) लड़की
- (ख) गुरु
- (ग) घोड़ा
- (घ) चिड़िया
लघु उत्तरीय प्रश्न
- वचन किसे कहते हैं?
- वचन के भेदों के नाम लिखिए।
- एकवचन और बहुवचन में अंतर स्पष्ट कीजिए।
- एकवचन से बहुवचन बनाने के दो प्रमुख नियम उदाहरण सहित लिखिए।
- हिंदी और संस्कृत के वचन-विभाजन में क्या अंतर है?
उत्तर (MCQ): 1-(ख), 2-(ग), 3-(ग), 4-(क), 5-(ख)
निष्कर्ष: वचन हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक तत्त्व है, जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी अथवा भाव की संख्या का बोध होता है। शुद्ध भाषा-प्रयोग तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए वचन के भेद, नियम एवं एकवचन–बहुवचन के प्रमुख रूपों का समुचित ज्ञान आवश्यक है। अतः विद्यार्थियों को इनका नियमित अध्ययन एवं अभ्यास करना चाहिए।
यह भी पढ़ें
- लिंग किसे कहते हैं?
- संज्ञा किसे कहते हैं?
- सर्वनाम किसे कहते हैं?
- विशेषण किसे कहते हैं?
- क्रिया किसे कहते हैं?
- अव्यय किसे कहते हैं?
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