दोस्तों ! दर्द भरी शायरी Dard bhari Shayari की यह पेशकश कुछ खास है। यह सच है कि दर्द और ग़म ज़िदगी का अहम हिस्सा हैं। हमारी जिदगी में इनकी भी उतनी ही हिस्सेदारी है जितनी खुशियों व प्रसन्नताओं की। इन भावनाओं को अभिव्यक्त करने का एक बेहतरीन माध्यम है– शेर-शायरी। इसे पढ़कर हम सबको वाक़ई सुकून मिलता है। लेकिन समस्या यह है कि इंटरनेट पर इस विषय से संबंधित जो भी सामग्री है वह या तो बहुत निम्न स्तर की है, या अंग्रेजी के फ़ॉण्ट में है; या है भी तो थोड़ी-थोड़ी करके इधर-उधर बिखरी पड़ी है।
हमारा प्रयास है कि हम दर्द भरी शायरी पर जो भी उत्कृष्ट सामग्री है उसे आपके लिए यहीं एक ही स्थान पर हिंदी में ही (Dard bhari Shayari in Hindi) उपलब्ध कराएँ। इसकी शुरुआत हम कर रहे हैं कुछ बेहद चुनिंदा शेर-ओ-शायरी के साथ जिनमें बड़े और नामचीन शायरों के साथ-साथ कुछ नये और अनाम शायरों की बेहतरीन शेर-शायरी को भी शामिल किया गया है। जैसे-जैसे यह संकलन बढ़ता जाएगा हम आप तक पहुँचाते जायेंगे।
तो लीजिए पेश है हिंदीजन की ओर से आप सबके लिए दो और चार लाइन की दर्द भरी शायरी का यह खूबसूरत संकलन-
कभी सहर तो कभी शाम ले गया मुझसे।
तुम्हारा दर्द कई काम ले गया मुझसे॥
दिल पर चोट पड़ी है तब तो आह लबों पर आयी है,
यूँ ही छन से बोल उठना तो शीशे का दस्तूर नहीं।
सुना है उनसे मोहब्बत कमाल की होती है,
जिनका मिलना नसीब में नहीं होता।
मेरी मोहब्बतें भी अजीब थीं, मेरा फ़ैज़ भी था कमाल पर।
कभी सब मिला बिन तलब के कभी कुछ न मिला सवाल पर।
सुना था कि वो आयेंगे अंजुमन में,
सुना था कि उनसे मुलाक़ात होगी।
हमें क्या पता था हमें क्या खबर थी,
न ये बात होगी न वो बात होगी।
किश्तों में अदा करके उदासी के कर्ज को,
हमने हँसी खरीद के दुनिया में बाँट दी।
जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है,
जो साज़ पे गुजरी है, वो किसको पता है।
जहर देता है कोई, कोई दवा देता है।
जो भी मिलता है मेरा दर्द बढ़ा देता है॥
अंदाज़ा लगा लेते हैं सब दर्द का मेरे,
हँसते हुए चेहरे का नुकसान बहुत है।
अश्क आँखों में कब नहीं आता।
लहू आता है जब नहीं आता।।
अब दर्द उठा है तो गजल भी है जरूरी,
पहले भी हुआ करता था इस बार बहुत है।
अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें,
कुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए हैं।
मेरे लबों का तबस्सुम तो सब ने देख लिया है,
जो दिल पे बीत रही है वो कोई क्या जाने।
उसके बिन अब चुप-चुप रहना अच्छा लगता है,
खामोशी से दर्द को सहना अच्छा लगता है।
उसका मिलना न मिलना तो बात है किस्मत की,
लेकिन उसकी याद में रोना अच्छा लगता है॥
Dard bhari Shayari in Hindi
दर्द भरी शायरी हिंदी में
इस शहर में जीने के अंदाज़ निराले हैं।
होठों पे लतीफे हैं आवाज़ में छाले हैं॥
हाल तुम सुन लो मेरा देख लो सूरत मेरी,
दर्द वो चीज नहीं है कि दिखाये कोई।
सारी दुनिया के गम हमारे हैं।
और सितम ये कि हम तुम्हारे हैं॥
अंजाम-ए-वफा ये है जिसने भी मोहब्बत की,
मरने की दुआ माँगी जीने की सजा पायी।
मेरे अजीज ही मुझको समझ न पाए कभी,
मैं अपना हाल किसी अजनबी से क्या कहता।
ज़िंदगी की हकीकत को बस इतना ही जाना है।
दर्द में अकेले हैं और खुशियों में ज़माना है॥
अपनी आँखों के समुंदर में उतर जाने दे,
तेरा मुजरिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे।
जख्म कितने तेरी चाहत से मिले हैं मुझको,
सोचता हूँ कि कहूँ तुझसे, मगर जाने दे॥
न जाने किस तरह का इश्क कर रहे हैं हम।
जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम॥
जिसने मेरी हँसी में भी शिकन तलाश ली।
बारीकियाँ तो देखिये उसकी निगाह की॥
आह को चाहिए इक उम्र असर होने तक।
कौन जीता है तेरी जुल्फ के सर होने तक॥
दर्द जितना भी मुझे बेदर्द दुनिया से मिला।
कुछ आँसुओं में बह गया कुछ शायरी में ढल गया।
देख तो दिल कि जाँ से उठता है,
ये धुआँ कहाँ से उठता है।
यूँ उठे आह ! उस गली से हम,
जैसे कोई जहाँ से उठता है।
ज़मीं किसी की नहीं, आसमाँ किसी का नहीं।
न कर मलाल कि कोई यहाँ किसी का नहीं।।
मिलना था इत्तिफ़ाक़ बिछड़ना नसीब था।
वो उतनी दूर हो गया जितना करीब था॥
हर वक़्त फिज़ाओं में महसूस करोगे तुम,
मैं प्यार की खुशबू हूँ महकूँगा जमानों तक।
नोट : Dard bhari Shayari 'दर्द भरी शायरी' नामक यह पोस्ट विभिन्न रचनाकारों की रचनाओं का एक संकलन है, जिसे विभिन्न स्रोतों से संकलित किया गया है। शेर-शायरी (रचनाओं) का सर्वाधिकार मूल रचनाकार व स्वामित्वधारक के पास सुरक्षित है। धन्यवाद !


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