एक शेर : वफ़ा के शहर में प्रस्तुतकर्ता Bal krishna Dwivedi को जुलाई 21, 2014 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप वफ़ा के शहर में तेरी गली बदनाम लिख दूँगा, साँसों की सदा पर मौत का पैग़ाम लिख दूँगा । उठेगा दर्द जब दिल में तुम्हारे वास्ते 'पंकज', उमीदों की चिता पर बस तुम्हारा नाम लिख दूँगा।। बालकृष्ण द्विवेदी 'पंकज' ➤ यह भी पढ़ें- चंद अशआर टिप्पणियाँ
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