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हिंदी, हिन्दू, हिंदुस्तान | Hindi Hindu Hindustan

हिंदी हिंदुस्तान की सर्वप्रमुख भाषा है, किंतु आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि 'हिंदी' शब्द की उत्पत्ति के लिए भारतीय नहीं अपितु वैदेशिक कारक उत्तरदायी हैं। आइए जानते हैं हिंदी, हिन्दू और हिंदुस्तान — इन तीनों शब्दों के मूल में छिपी दिलचस्प कहानी।

"सिन्धु" से "हिन्दू" तक — शब्द की उत्पत्ति

'सिन्धु' शब्द का भारतवर्ष से गहरा सम्बन्ध है। भारत की पहचान में सिन्धु का भी अपना महत्वपूर्ण स्थान रहा है। जब ईरान के लोग भारत आए तो उन्होंने सिन्धु को हिन्दु कहा, क्योंकि फ़ारसी में 'स' वर्ण का उच्चारण 'ह' के रूप में किया जाता है। इस तरह के उच्चारण के कारण सिन्धु शब्द परिवर्तित होकर हिंदु हो गया और सिन्धु प्रदेश के निवासी हिंदु या हिन्दू हो गए।

इस प्रकार हिन्दू का अर्थ हुआ हिन्द का रहने वाला, और हिन्दी का मतलब हिन्द का। कालांतर में इनकी भाषा भी हिन्दवी या हिंदी बोली जाने लगी। समय के साथ आर्यावर्त और भारतवर्ष के साथ-साथ हिंदुस्तान शब्द का भी प्रयोग होने लगा। वस्तुतः "हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान" के मूल में यही तथ्य विद्यमान है।

हिंदी शब्द का प्रयोग और भाषा की उत्पत्ति

हिंदी भाषा का जन्म कब हुआ, इस सम्बन्ध में यद्यपि कोई एक निश्चित तिथि निर्धारित कर पाना मुश्किल है, तथापि यह निर्विवाद रूप से सत्य है कि हिंदी भाषा का प्रयोग सातवीं शताब्दी के आसपास ही आरंभ हो गया था।

माना जाता है कि 'हिंदी' शब्द का सर्वप्रथम साहित्यिक प्रयोग अमीर खुसरो ने किया। परम्परागत मान्यता के अनुसार उन्होंने गयासुद्दीन तुगलक के बेटे को भाषा (हिंदी) सिखाने के लिए 'ख़ालिकबारी' नामक ग्रंथ की रचना की, जिसमें 'हिन्दवी' शब्द 30 बार और 'हिंदी' शब्द 5 बार आया है — यद्यपि आधुनिक शोधकर्ताओं में ख़ालिकबारी के वास्तविक रचनाकार को लेकर कुछ मतभेद भी है। चूँकि खुसरो का समय तेरहवीं सदी माना जाता है, इसलिए 'हिंदी' शब्द का पहला प्रयोग भी उसी काल में हुआ माना जाता है। परंतु 'हिंदी' शब्द का प्रयोग होने से पहले ही उस भाषा का प्रयोग आरंभ हो चुका था जिसमें आधुनिक हिंदी के लक्षण विद्यमान थे।

हिंदी का पहला कवि कौन — एक विवादास्पद प्रश्न

'सरहपा' या 'सरहपाद' को हिंदी का पहला कवि माना जाता है, जिनका समय सातवीं शताब्दी है। कतिपय विद्वान 'पुष्य' या 'पुण्ड' नामक कवि को हिंदी का पहला कवि मानते हैं, इनका भी समय सातवीं शताब्दी का ही है। अतः निर्विवाद रूपेण हिंदी भाषा का प्रादुर्भाव सातवीं शताब्दी में जानना चाहिए, भले ही प्रथम कवि के नाम को लेकर मतभेद बना रहे।

हिंदी की वर्तमान वैश्विक स्थिति

हिंदी भाषा 7वीं सदी से आरंभ होकर आज 21वीं सदी में उत्तरोत्तर प्रगति को प्राप्त होती हुई विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में गिनी जाती है। दुनिया के सैकड़ों देशों में हिंदी का प्रयोग हो रहा है। आज 'देवनागरी' लिपि को विश्व की सर्वाधिक वैज्ञानिक लिपि के रूप में मान्यता प्राप्त है।

हिंदी के विकास में योगदानकर्ता

स्वतंत्रता आन्दोलन के समय देश को एकसूत्र में बाँधने और देश के जन-जन की आवाज़ बनकर गूँजने वाली हिंदी के विकास में भारतेंदु हरिश्चन्द्र, महावीर प्रसाद द्विवेदी, मुंशी प्रेमचंद, महात्मा गाँधी, डॉ० हरिवंशराय बच्चन और अनेक युग पुरोधाओं ने अपना अमूल्य योगदान दिया है।

भारत आज विश्व मंच पर दमदारी के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहा है। ऐसे में हिंदी की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। यह हमारा पुनीत कर्तव्य है कि हिंदी का यथासंभव अधिकाधिक प्रयोग करें, इसका सम्मान करें और इसे सच्चे अर्थों में 'राष्ट्रभाषा' बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें।

निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति कौ मूल।
बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटै न हिय को शूल॥

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न: "हिन्दू" शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई?
उत्तर: "हिन्दू" शब्द "सिन्धु" से बना है। ईरान के लोग फ़ारसी उच्चारण के अनुसार 'स' को 'ह' बोलते थे, जिससे सिन्धु, हिन्दु में बदल गया और सिन्धु प्रदेश के निवासी हिन्दू कहलाए।

प्रश्न: "हिंदी" शब्द का सर्वप्रथम साहित्यिक प्रयोग किसने किया?
उत्तर: परम्परागत मान्यता के अनुसार "हिंदी" शब्द का सर्वप्रथम साहित्यिक प्रयोग अमीर खुसरो ने अपने ग्रंथ 'ख़ालिकबारी' में किया, यद्यपि इसके रचनाकार को लेकर विद्वानों में कुछ मतभेद भी है।

प्रश्न: हिंदी का पहला कवि किसे माना जाता है?
उत्तर: सामान्यतः सरहपा (सरहपाद) को हिंदी का पहला कवि माना जाता है, हालाँकि कुछ विद्वान पुष्य या पुण्ड नामक कवि को यह श्रेय देते हैं। दोनों ही मत सातवीं शताब्दी की ओर इशारा करते हैं।

प्रश्न: हिंदी भाषा की उत्पत्ति किस शताब्दी में मानी जाती है?
उत्तर: हिंदी भाषा का प्रादुर्भाव सातवीं शताब्दी में माना जाता है, भले ही "हिंदी" शब्द का साहित्यिक प्रयोग बाद में तेरहवीं शताब्दी में शुरू हुआ हो।

यह भी पढ़ें:
हिंदी भाषा की विशेषताएँ
देवनागरी लिपि
हिंदी वर्णमाला

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